रायपुररानी/मोरनी। पंचकूला के पहाड़ी इलाके गांव छोटी मंडलाए के जंगलों में वायु सेना का लड़ाकू विमान जगुआर क्रैश होने पर 5 से 6 किलोमीटर तक धमाके की आवाज सुनाई पड़ी। इससे लोग सहम गए। प्रत्यक्षदर्शी साहिल और प्रिंस ने बताया कि मोरनी के जंगलों में दो विमान उड़ रहे थे। पायलट के पैराशूट लेकर कूदते ही एक विमान अनियंत्रित हो गया और विमान से धुंआ निकलने लगा। दो राउंड लगाने के बाद विमान मोरनी के जंगलों में पेड़ों के बीच फंसते हुए जमीन पर जा गिरा। दो बार हुए धमाके से इलाका दहल उठा। वन्य प्राणी और पक्षियों की आवाजें गूंजने लगीं। साहिल और प्रिंस ने बताया कि वे सबसे पहले मौके पर पहुंचे और उन्होंने ही बचाव दल को दुर्घटनास्थल तक पहुंचाया। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से दो जगुआर फाइटर जेट ने उड़ान भरी थी। पैराशूट से कूदकर पायलट सुरक्षित है।
दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटीं टीमें
हादसे के महज पंद्रह मिनट के भीतर वायु सेना की रेस्क्यू टीम हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंची। वहीं, एक घंटे में सड़क के रास्ते भी बचाव कार्य के लिए वायु सेना की टीम पहुंच गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, डीसीपी पंचकूला हिमाद्रि कौशिक और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल, वायुसेना और रक्षा विभाग की टीमें दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हैं। वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि वे इस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच करेंगे। साथ ही वायुसेना सुनिश्चित करेगी कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों।
तीन हेलिकॉप्टरों ने पायलट को ढूंढा
एयरफोर्स ने पायलट की तलाश के लिए तीन हेलिकॉप्टरों की टीम बनाई, जो घटनास्थल के आसपास के इलाकों में ढूंढने के लिए भेजे गए। इस दौरान कड़ी मशक्कत के बाद एयरफोर्स की टीम ने पायलट को ढूंढकर सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पायलट को मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने आसपास के इलाकों में लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनहोनी से बचने के लिए घटनास्थल से दूर रहें और प्रशासनिक सलाह का पालन करें।
हादसे के 15 मिनट बाद वायुसेना की रेस्क्यू टीम हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंच गई। एक घंटे बाद सड़क मार्ग से भी टीम पहुंच गई। इस दौरान पूरे एरिया को सील कर दिया गया था। घटना के बाद पंचकूला के डीसीपी हिमाद्रि कौशिक भी माैके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि विमान का एक हिस्सा रायपुररानी ब्लॉक में जाकर गिरा, जबकि पायलट मोरनी ब्लॉक के जंगलों में एक से डेढ़ किलोमीटर दूर मिला।
आईएएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि जगुआर विमान नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान सिस्टम में खराबी आने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पायलट ने विमान को रिहायशी इलाके से दूर ले जाकर क्रैश करवाया। इससे पहले वह सुरक्षित बाहर निकल आए।