रायपुररानी/मोरनी। पहाड़ी इलाके में पंचकूला से 40 किलोमीटर दूर गांव छोटी मंडलाए में स्थित जंगलों में भारतीय वायु सेना का लड़ाकू विमान जगुआर अचानक क्रैश हो गया। इसमें सवार पायलट ने पैराशूट की मदद से मोरनी के गांव जौली के जंगलों में कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हालांकि पायलट एक खाई में गिरा हुआ पाया गया। पायलट का नाम नवीन रेड़्डी बताया जा रहा है। उधर जोरदार धमाके के साथ फाइटर जेट के परखच्चे उड़ गए और उसमें आग लग गई। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय दो जगुआर ने नियमित प्रशिक्षण के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरी थी। बताया जा रहा है कि जगुआर में कुछ तकनीकी खराबी आई थी, जिस कारण पायलट को कूदना पड़ा।
एक ओर विमान का पार्ट रायपुररानी ब्लॉक में जाकर गिरा। वहीं मोरनी ब्लॉक के जंगलों में एक से डेढ़ किलोमीटर दूर पायलट गिरा मिला। जगुआर के क्रैश हाेने की आवाज सुनकर स्थानीय कुछ लोग फाइटर जेट की तरफ भागे। कुछ लोग पैराशूट के जरिये तेजी से नीचे की तरफ आ रहे पायलट की तरफ दौड़े। दूसरी ओर फाइटर जेट के साथ हादसे से पहले उड़ रहे दूसरे विमान में सवार पायलट ने वायु सेना को हादसे की सूचना दी। हादसे के महज पंद्रह मिनट में वायु सेना की रेस्क्यू टीम हेलीकॉप्टर से मौके पर पहुंच गई। वहीं एक घंटे में बाई रोड भी बचाव कार्य के लिए वायु सेना की टीम पहुंच चुकी थी। इस दौरान पूरे एरिया को सील कर दिया गया था। हादसा शुक्रवार को दोपहर करीब तीन से साढ़े तीन के बीच रायपुररानी ब्लॉक के छोटी मंडलाय गांव के पास हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, डीसीपी पंचकूला हिमाद्रि कौशिक और सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल, वायुसेना और रक्षा विभाग की टीमें दुर्घटना के कारणों की जांच में जुटी हैं।
पेड़ों के बीच फंसते हुए नीचे आया विमान, दो बार हुए धमाके
प्रत्यक्षदर्शी साहिल और प्रिंस ने बताया कि मोरनी के जंगलों में दो विमान हवा में उड़ रहे थे। तभी एक जहाज में तकनीकी खराबी आ गई। पायलट के पैराशूट लेकर कूदते ही विमान अनियंत्रित हो गया। विमान से धुंआ निकलने लगा। दो राउंड लगाने के बाद जगुआर धीरे-धीरे नीचे गिरने लगा और मोरनी के जंगलों में पेड़ों के बीच फंसते हुए जमीन पर जा गिरा। 5 से 6 किलोमीटर तक इसके धमाकों की सुनाई पड़ी। इस दौरान पूरे इलाके के लोग सहम गए। वन्य प्राणी और पक्षियों की आवाजें गूंजने लगीं। चश्मदीद साहिल और प्रिंस ने बताया कि वे सबसे पहले मौके पर पहुंचे और उन्होंने ही बचाव दल को दुर्घटनास्थल तक पहुंचाया।