पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में बन रहे मदर एंड चाइल्ड केयर अस्पताल के निर्माण में देरी और फायर सेफ्टी की कमी के मामले में मंगलवार को हरियाणा मानवाधिकार आयोग में सुनवाई हुई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कोई भी अधिकारी आयोग के सामने उपस्थित नहीं हुए। शिकायतकर्ता, सेक्टर-15 निवासी समाजसेवी एस.के. नैय्यर, आयोग में पेश हुए।
अधिकारियों की गैरहाजिरी के कारण आयोग को मामले की सुनवाई आगे बढ़ानी पड़ी। अब अगली सुनवाई 21 मई को निर्धारित की गई है। आयोग ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे विस्तृत रिपोर्ट के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों।
पिछली सुनवाई में आयोग ने सिविल अस्पताल परिसर में निर्माण में हो रही देरी और फायर सेफ्टी इंतजामों की कमी पर कड़ा रुख अपनाया था। आयोग ने पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर-इन-चीफ से पूरी रिपोर्ट तलब की थी और वरिष्ठ अधिकारी की मौजूदगी में रिकार्ड पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की प्रतियां पीडब्ल्यूडी और सिविल अस्पताल के सीएमओ को भेजने के आदेश भी दिए गए थे, जिनका पालन मंगलवार को नहीं किया गया।