चंडीगढ़। पंजाब सरकार बॉर्डर एरिया के जिलों में खेलो इंडिया सेंटरों की संख्या दोगुनी करने की तैयारी कर रहा है ताकि इन जिलों में युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकाला जा सके। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अमृतसर, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का और तरनतारन जिले इस परियोजना का हिस्सा होंगे।
राज्य सरकार युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान चला रही है लेकिन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालना है। इस प्रस्ताव पर पिछले काफी समय से खेल विभाग विचार कर रहा था जिसे अब केंद्र को भेज दिया गया है। विभाग के अनुसार केंद्र सरकार की इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया आई है। खेल विभाग अब जल्द ही विस्तृत प्रस्ताव केंद्र को भेजने की तैयारी कर रहा है ताकि इस पर काम शुरू किया जा सके।
सभी जिलों में खेलो इंडिया सेंटर हैं लेकिन इस परियोजना के लागू होने के बाद बॉर्डर जिलों में खेलो इंडिया सेंटरों की संख्या बढ़ जाएगी। पंजाब की पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर की सीमा लगती है जिसमें प्रमुख छह जिले हैं। बॉर्डर पार से नशा तस्करी से ये जिले बुरी तरह से प्रभावित हैं। नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए तो सरकार अभियान चला रही है लेकिन युवाओं को नशे से बचाने के लिए इन जिलों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सरकार काम कर रही है जिसमें यह अहम परियोजना भी शामिल है।
खेलो इंडिया के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में 800 करोड़ रुपये सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को जारी किए गए थे जिसमें से 738.98 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। पंजाब स्कीम के तहत बॉर्डर एरिया के लिए अतिरिक्त फंड जारी करने की मांग कर रहा है। केंद्र इन सेंटरों के लिए प्रदेश सरकार को वित्तीय सहायता जारी करेगा जबकि इनके रखरखाव का काम आगे राज्य सरकार देखेगी।
पंजाब में चल रहे 29 खेलो इंडिया सेंटर
पंजाब के 23 जिलों में फिलहाल 29 खेलो इंडिया सेंटर चल रहे हैं जिसमें 24 नए बनाए गए हैं। 5 पुराने सेंटरों को अपग्रेड किया गया है। इसमें मोहाली में सबसे अधिक 3, तरनतारन, रूपनगर, गुरदासपुर और अमृतसर में 2-2 सेंटर हैं। इन सेंटरों में बड़े स्तर पर खिलाड़ी तैयार किए जा रहे हैं। नई परियोजना के बाद बॉर्डर जिलों में एक-एक और सेंटर खोला जाएगा, जिससे नए खिलाड़ियों को अधिक अवसर मिलेंगे। सेंटरों के लिए 30 चैंपियन एथलीटों के पद स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से सभी पदों पर भर्ती की जा चुकी है। इनमें 17 पुरुष और 13 महिला कोच शामिल हैं।
इससे पहले यूथ पॉलिसी की थी तैयार
खेल विभाग ने इससे पहले बॉर्डर एरिया के युवाओं के लिए यूथ पॉलिसी भी तैयार की थी। इसके तहत युवाओं में खेल व एडवेंचर गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। गांव, स्कूल व कॉलेज स्तर पर यूथ क्लब तैयार किए गए और युवाओं के ग्रुप को एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए दूसरे राज्यों में भेजने का फैसला लिया गया है।