चंडीगढ़। हरियाणा में जेबीटी शिक्षकों की भर्ती निकालने और एचटेट मान्यता की अवधि 7 से बढ़कर 10 साल करने को लेकर सर्व कर्मचारी संघ मोर्चा खोलने जा रहा है। 5 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर संघ से जुड़े कर्मचारी आंदोलन करेंगे।
संघ दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 2019 में विज्ञापित 146 जूनियर सिस्टम इंजीनियर के पदों के परिणाम घोषित कर ज्वाइनिंग करने की मांग को भी प्रमुखता से उठाएगा। प्रदर्शनों के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन डीसी को सौंपे जाएंगे। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि 8 साल से सरकार जेबीटी शिक्षकों की भर्ती नहीं कर रही है। एचटेट पात्रता परीक्षा प्रमाण पत्र सात साल के लिए मान्य है, पिछले 8 साल से जेबीटी शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन ही जारी नहीं हुआ। हजारों एचटेट पास पात्र नौजवानों का प्रमाणपत्र बिना भर्ती में शामिल हुए इसी महीने अमान्य हो जाएगा। उन्होंने सरकार से जब तक एचटेट पास नौजवान को जेबीटी भर्ती के एग्जाम में अपीयर न हो जब तक उनका एचटेट मान्य होने का कानून बनाने की मांग की है।
उन्होंने सरकार से जूनियर सिस्टम इंजीनियर के 2019 में विज्ञापित पदों की भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने का हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को लिखा पत्र वापस न लेने पर कड़ी नाराजगी जताई है। लांबा ने बिजली निजीकरण के बिजली संशोधन बिल 2020 व ऊर्जा क्षेत्र के किए जा रहे निजीकरण के खिलाफ 18 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल का भी समर्थन किया है।
प्रदेशाध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने सरकार पर जन सेवाओं का निजीकरण करने और 1983 पीटीआई सहित बड़े पैमाने पर ठेका कर्मचारियों की छंटनी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त 2020 को सभी खंडों में भारत छोड़ो आंदोलन की 78वीं वर्षगांठ पर सत्याग्रह किए जाएंगे। सत्याग्रह में जन सेवाओं के निजीकरण करने पर रोक लगाने, बड़े पैमाने पर ठेका कर्मचारियों की छंटनी पर रोक लगाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, ठेका प्रथा समाप्त कर ठेका कर्मचारियों को सीधा विभागों के पे रोल पर लेने, कर्मचारियों का जुलाई 2021 तक गैर कानूनी तरीके से रोके गए महंगाई भत्ते को बहाल करने और अलग-अलग विभागों के विभागाध्यक्षों द्वारा यूनियनों की मांगों की अनदेखी करने इत्यादि के मुद्दे उठाएंगे।