फगवाड़ा। फगवाड़ा के गांव खलवाड़ा में एक पिता ने अपने ही पुत्र पर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। सिविल अस्पताल में इलाज करवा रहे रमनदीप सिंह पुत्र भूपिन्द्र पाल निवासी गांव खलवाड़ा थाना सदर फगवाड़ा ने बताया कि वह एक वर्ष पूर्व कतर से लौटा था।
तब से वह अपने पिता से उन पांच लाख रुपये का हिसाब मांग रहा था जो उसने कतर से भेजे थे लेकिन उसके पिता हर बार बहाना बना देते थे। उसने आरोप लगाया कि रविवार को भी इसी बात पर बहस हो रही थी तो गुस्से में उसके पिता ने उस पर दुकान में रखे चाकू से हमला कर घायल कर दिया। रमनदीप ने बताया कि उसने वहां से भागकर अपनी जान बचाई तथा मोटरसाइकिल खुद ही चलाकर सिविल अस्पताल पहुंचा जहां डाॅक्टरों ने टांके लगा कर उसका इलाज किया।
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वहीं, दूसरी तरफ रमनदीप के पिता भूपिन्द्र ने बताया कि रमनदीप के सारे आरोप झूठे हैं और उसने कतर में केवल दो महीने काम किया था और काम छोड़ कर वापस आ गया था। उसने उन्हें कोई रुपये नहीं भेजे बल्कि बेटे को विदेश भेजने तथा वहां पर लाइसेंस बनाने के लिए उसने ही रुपये खर्च किए थे। भूपिन्द्र ने आरोप लगाया कि अब दोबारा विदेश जाने के लिए रमनदीप दस लाख रुपये की मांग कर रहा था। उसी विवाद में रमनदीप ने भूपिन्द्र की फास्ट फूड की दुकान में रखा मीट काटने वाला चाकू उठा लिया और उन्हें मारने लगा। अपने बचाव में जब उनके बीच हाथापाई हुई तो चाकू रमनदीप को लग गया। भूपिन्द्र ने आरोप लगाया कि रमनदीप ने इस दौरान उनकी दुकान व घर में काफी तोड़फोड़ भी की।
बेटे ने अपनी छाती पर लिखवा रखा था अपने माता-पिता का नाम : रमनदीप अपने माता-पिता से इतना प्यार करता था कि उसने दोनों के नाम अपनी छाती पर गुदवा रखे थे लेकिन समय का चक्र ऐसा घूमा कि आज उसी के पिता ने बेटे को चाकू मारकर घायल कर दिया।
फोटो कैप्शन : फगवाड़ा के सिविल अस्पताल में घायल रमनदीप की मरहम पट्टी करते अस्पताल के कर्मचारी