जांच चलने तक डीएचई ऑफिस को करेंगे रिपोर्ट
कॉलेज में अभद्र पहनावे, शिक्षकों से अपमानजनक व्यवहार के आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-1 पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल नरेंदर सिवाच को शिक्षा विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई गठित कमेटी की शुरुआती जांच के बाद की गई है। इसके लिए शिक्षा विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी विनीत गर्ग ने आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टर-1 पीजी कॉलेज के प्रिंसिपल नरेंदर सिवाच सस्पेंड रहने के दौरान सेक्टर-5 शिक्षा सदन उच्चतर शिक्षा विभाग के दफ्तर में रिपोर्ट करेंगे। उनके खिलाफ जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती उन्हें यहीं रिपोर्ट करना है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के शिक्षकों से अपमानजनक व्यवहार और महिला प्रताड़ना की बात भी सामने आई है।
इससे पहले सेक्टर-1 पीजी कॉलेज की एक पूर्व छात्रा ने आठ अप्रैल को हरियाणा के सीएम नायब सैनी को पत्र लिखकर प्रिंसिपल नरेंदर सिवाच पर आरोप लगाए थे कि उनका व्यवहार अशोभनीय, अपमानजनक और शैक्षणिक माहौल के विरुद्ध है। पूर्व छात्रा ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल कॉलेज परिसर में कई बार छोटे कपड़े जैसे निक्कर में दिखाई देते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर कपड़े बदलते देखे जाते हैं। इससे छात्राओं और महिला शिक्षकों को असहज महसूस होता है। इस तरह प्रिंसिपल का व्यवहार गरिमा के खिलाफ है। यह महिला सुरक्षा और शैक्षणिक अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। इसके वीडियो और फोटो भी छात्रों और शिक्षकों के बीच साझा किए गए हैं। मामले की जांच के लिए हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के डायरेक्टर ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के जॉइंट डायरेक्टर अजीत सिंह, चीफ अकाउंट ऑफिसर हरपाल सिंह और डिप्टी डायरेक्टर अंजू गुप्ता शामिल थीं। कमेटी ने प्रिंसिपल सहित पूर्व छात्रा और शिक्षकों के बयान दर्ज किए। बयान लेने के बाद उन्होंने रिपोर्ट हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर को सौंप दी। उन्होंने जांच रिपोर्ट एसीएम को भेजी। इसके बाद उन पर यह कार्रवाई की गई। कमेटी की शुरुआती जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं।
शिक्षकों को धमकाने और अपमानजनक व्यवहार की चल रही जांच
हरियाणा उच्चतर शिक्षा विभाग के डायरेक्टर राहुल हुड्डा ने बताया कि 30 शिक्षकों से अपमानजनक व्यवहार, ट्रांसफर करने और नौकरी से निकालने की धमकी देने की बात सामने आई थी। इस पर उच्चतर शिक्षा विभाग के डायरेक्टर से शिकायत की गई थी। चल रही जांच किसी प्रकार से बाधित न हो, इसलिए इन्हें कॉलेज से हटाकर सस्पेंड किया गया है। शिक्षा विभाग सभी शिकायतों की जांच कर रहा है। सभी के बयान दर्ज किए जा रहे है। कमेटी बयान लेकर सभी चीजों की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं महिला शिक्षकों को अपशब्द भी कहने के भी मामले सामने आए हैं।
रात एक बजे तक सिवाच बैठे रहे ऑफिस में, पहुंची पुलिस
प्रिंसिपल के पद से हटाने के बाद बुधवार को रात एक बजे तक नरेंदर सिवाच ऑफिस में बैठे रहे। सूचना के बाद मौके पर पुलिस को भेजा गया। पुलिस को किसी अंजान नंबर से फोन आया था कि ऑफिस के सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ की जा रही है। इस पर पुलिस ने पहुंचकर जांच की। पुलिस ने बताया कि अभी तक इस तरह का मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल सैलजा को प्रिंसिपल का कार्यभार सौंपा गया है।