चंडीगढ़। पटवारियों और कानूनगो द्वारा कलम छोड़ हड़ताल की चेतावनी दिए जाने को पंजाब सरकार ने गंभीरता से लेते हुए इस मामले में सख्त कदम उठाने का मन बना लिया है। फिलहाल इस हड़ताल पर एस्मा लागू कर दिया गया है लेकिन इसके साथ ही सरकार ने उन 3193 सर्कलों में खाली पड़े पदों को भरने की तैयारी भी शुरू दी है, जिनका अतिरिक्त कार्यभार संभालने से पटवारियों ने हाथ खींच लिया है। खाली पड़े पटवारियों के पदों पर सरकार ने ट्रेनिंग हासिल कर रहे पटवारियों को तैनात करने का फैसला लिया है। इस पटवारियों को 8 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान चंडीगढ़ में नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री की तरफ से मुख्य सचिव अनुराग वर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि नियुक्तियों संबंधी पूरी प्रक्रिया की कमान वे खुद संभालें ताकि ट्रेनिंग कर रहे पटवारियों को नियुक्त किए जाने के मामले में कोई कानूनी अड़चन न आए। मुख्य सचिव ने भी वित्त आयुक्त (राजस्व) केएपी सिन्हा और कानून विशेषज्ञों के साथ इस मामले में बैठक की है, जिसके आधार पर ट्रेनिंग ले रहे पटवारियों की नियुक्ति के साथ ही 586 पटवारियों की नई भर्ती करने का भी फैसला ले लिया गया है। फिलहाल 18 माह की ट्रेनिंग कर रहे पटवारियों की ट्रेनिंग अवधि 15 माह करते हुए 710 पटवारियों को नियुक्ति पत्र देने का फैसला लिया गया है।
सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार एक ओर जहां खाली सर्कलों में तुरंत काम शुरू करवाना चाह रही है, वहीं नई भर्ती के जरिये उन पटवारियों-कानूनगो से निपटने की तैयारी भी कर रही है, जो 11 से 14 सितंबर तक कलम-छोड़ हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रेनिंग ले रहे पटवारियों को नियुक्ति पत्र सौंपने के साथ ही सरकार इस बात को लेकर भी चौकस हो गई है कि हड़ताल पर जाने वाले पटवारी कहीं राजस्व रिकाॅर्ड (लट्ठा, जमाबंदी, इंतकाल रजिस्टर) बस्ते से छेड़छाड़ न कर दें। इसके लिए सरकार ने सभी डिप्टी कमिश्नरों को निगरानी की हिदायत भी जारी कर दी है
मुख्यमंत्री ने फिर दी चेतावनी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हड़ताल पर जा रहे पटवारियों-कानूनगो को मंगलवार को एक बार फिर चेतावनी दी है। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा- पटवारी अपने एक भ्रष्ट साथी को बचाने के लिए सरकार पर दबाव बना रहे थे। हमारा मकसद साफ है कि एक रुपये की भी हेराफेरी नहीं करने देंगे। अगर कलम छोड़नी है तो छोड़ दो और बहुत पढ़े-लिखे नौजवान हैं हमारे पास जो कलम संभालने के लिए तैयार बैठे हैं।