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Panchkula News: बार एसोसिएशन ने कहा बार काउंसिल आंतरिक मामले में हस्तक्षेप न करे

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वरिष्ठ अधिवक्ता नामित करने के मामले में बार एसोसिएशन ने दिया नोटिस का जवाब
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बार काउंसिल के नोटिस को एसोसिएशन ने बताया गलतफहमी पर आधारित

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने बार काउंसिल ऑफ पंजाब एवं हरियाणा के नोटिस को तथ्यों और कानून की गलतफहमी पर आधारित बताया है। एसोसिएशन के मानद सचिव गगनदीप जम्मू ने 26 अक्तूबर 2025 को जारी नोटिस के जवाब में कहा कि यह न तो कानूनी रूप से उचित है और न ही तथ्यात्मक रूप से सही।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बार एसोसिएशन एक स्वतंत्र रूप से पंजीकृत संस्था है, जो अपने नियमों और विनियमों के तहत संचालित होती है। इसलिए, बार काउंसिल को इसके प्रशासनिक या आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।
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गगनदीप जम्मू ने बताया कि 24 अक्तूबर को मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया पत्र एसोसिएशन की सामूहिक स्वीकृति से जारी किया गया था। उस पत्र में वरिष्ठ अधिवक्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण होने पर न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया गया था। यह किसी व्यक्तिगत स्तर पर नहीं बल्कि एसोसिएशन की सामूहिक भावना का प्रतिनिधित्व करता था। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर 2025 को हुई कार्यकारिणी की बैठक में इस पत्र को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया।
मानद सचिव ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के अनुसार बार काउंसिल का अधिकार क्षेत्र केवल अधिवक्ताओं के पेशागत आचरण तक सीमित है। किसी एसोसिएशन के आंतरिक संचालन या प्रशासनिक निर्णयों में दखल देना उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
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एसोसिएशन ने बार काउंसिल से आग्रह किया कि 26 अक्तूबर का नोटिस अधिकार क्षेत्र से परे है, इसलिए इसे तत्काल वापस लिया जाए या निरस्त किया जाए। उल्लेखनीय है कि बार काउंसिल ने गगनदीप जम्मू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था, यह कहते हुए कि मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया पत्र नियमों के खिलाफ है।
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