हाईकोर्ट ने रिव्यू पिटीशन पर दी स्पष्टता, एससी सीटों के निर्धारण का रास्ता साफ
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम की वार्डबंदी और सीट आरक्षण को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सीटों का निर्धारण वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ही किया जाएगा। इस फैसले के बाद वार्डबंदी और आरक्षण प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।
न्यायमूर्ति अनूप चितकारा और न्यायमूर्ति सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। सरकार ने दलील दी थी कि 4 सितंबर 2026 की अधिसूचना में 2011 की जनगणना को आधार बनाया गया है।
अदालत ने अपने पूर्व निर्णय के पैराग्राफ 30 का हवाला देते हुए कहा कि सीटों का पुनर्वितरण केवल 2011 की जनगणना के आंकड़ों पर ही संभव है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार वर्तमान भौगोलिक सीमाओं और 2011 की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए नई अधिसूचना जारी कर सकती है।
यह आदेश विशेष रूप से अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए सीटों के निर्धारण पर लागू होगा। इससे एससी आरक्षण को लेकर स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। इससे पहले 8 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला दिया था, जिसके खिलाफ सरकार ने समीक्षा याचिका दायर की थी। अदालत ने यह भी कहा कि यह मामला केवल पंचकूला नगर निगम तक सीमित है। सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन और अतिरिक्त महाधिवक्ता दीपक बाल्यान ने पक्ष रखा, जबकि नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जगदीश मनचंदा पेश हुए।