पंचकूला। उपायुक्त महावीर कौशिक के आदेशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. गौरव शर्मा और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की टीम ने जिला पंचकूला में विभिन्न स्थानों पर लगी रेहड़ियों और अन्य स्थानों का औचक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर खाद्य प्रयोगशाला करनाल विश्लेषण के लिए भेजे गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी गौरव शर्मा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थ जो खाने योग्य नहीं थे, उनको नष्ट करवाया गया और सभी दुकानदारों को निर्देश दिए कि सभी खाद्य पदार्थों को ढककर रखें।
उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 एवं नियम 2011 के तहत सभी खाद्य पदार्थ निर्माताओं, विक्रेताओं और खाद्य पदार्थ संचालकों को एफएसएसएआई की ओर से अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर से फोस्टेक का प्रशिक्षण लेना और एफएसएसएआई के तहत अपना कारोबार पंजीकृत करना होगा। उन्होंने बताया कि होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को हाइजिन रेटिंग सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। एफएसएसएआई की ओर से अधिकृत ट्रेनिंग पार्टनर डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन संस्था की ओर से पंचकूला जिला के खाद्य कारोबारियों को ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है। अधिक जानकारी के लिए डिजिटल स्किल सर्टिफिकेशन संस्था के संस्थापक से उनके मोबाइल नंबर 921683238 पर संपर्क किया जा सकता है।
पंचकूला में इन चार स्थानों से लिए खाद्य पदार्थों के नमूने
इस निरीक्षण के दौरान राजू फूड कॉर्नर (रेहड़ी), सेक्टर-5 से कढ़ी और सफेद चने के नमूने लिए गए। इसी प्रकार सेक्टर-5 स्थित बीरपाल की रेहड़ी से आटा और सफेद चने, रोहित फूड कॉर्नर सेक्टर-11 से सफेद चने, राजमा और सतपाल कोंबो सेक्टर-11 से राजमा के नमूने लेकर विश्लेषण के लिए भेजे गए हैं।