पंचकूला। श्री रघुनाथ ड्रामेटिक क्लब व श्रीराम सेवादार ट्रस्ट पंचकूला की रामलीला में ताड़का वध और सीता स्वयंवर की लीला का मंचन किया गया। मंच पर 30 फीट से हवा में उड़कर ताड़का आई जिससे दर्शक हैरान रहे गए।
सर्वप्रथम मारीच और सुबाहु गाते-बजाते हुए साधु-संतों को परेशान करते हैं। ये दोनों विश्वामित्र का यज्ञ विध्वंस करते हैं। तभी मुनि विश्वामित्र अयोध्या में राजा दशरथ के पास पहुंचकर राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाकर इन दुष्टों का संहार करने की बात कहते हैं। गुरु वशिष्ठ के समझाने पर उन्हें मुनि विश्वामित्र के साथ भेज दिया जाता है। विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को धनुष विद्या सिखाकर तैयार करते हैं। राम और लक्ष्मण राक्षसी ताड़का का वध करते हैं और फिर सुबाहु का अंत होता है। इसके बाद सीता-राम के स्वयंवर का मंचन हुआ।