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ट्यूबवेल से पानी रिचार्ज कर भूजल स्तर में वृद्धि पर अध्ययन करें : दास

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चंडीगढ़। हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त पीके दास ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को ट्यूबवेल से पानी रिचार्ज कर भूजल स्तर में वृद्धि पर विस्तृत अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अध्ययन से पहले व बाद की स्थिति का पता लगाया जाए। जिन क्षेत्रों में यह अध्ययन हो जाए, उन्हें अन्य से अलग कर दें।
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उन्होंने ये निर्देश सोमवार को वर्चुअल माध्यम से बाढ़ और सूखे पर हरियाणा राज्य तकनीकी सलाहकार समिति की 51वीं बैठक के दौरान दिए। बैठक में आबादी क्षेत्र की सुरक्षा, कृषि भूमि की सुरक्षा, पानी निकासी प्रबंधन, जल संरक्षण एवं दोबारा उपयोग जैसे अनेक मुद्दों पर किये जा रहे प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। दास ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सुझाव दिया कि सूक्ष्म स्तरीय मानचित्र तैयार किया जाए। इसमें उन क्षेत्रों को प्रदर्शित करें, जहां से पानी निकाला जा चुका है या पाइप से पानी निकाला जा रहा है। मानचित्र पर उन क्षेत्रों को भी प्रदर्शित करें, जहां पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने की सलाह दी कि जिन क्षेत्रों में जरूरत हो उनमें पानी पंप करने की स्थायी सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए।
दास ने गांवों में भू-जल स्तर पर डाटा तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी संभव हो, पानी निकासी के लिए सौर पंपों का उपयोग किया जाए। उन्होंने खरीफ व रबी फसलों के मुआवजे और फसल क्षति के संबंध में भी डाटा तैयार करने का सुझाव दिया, ताकि मुआवजे की राशि का अंदाजा लगा सकें।
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एसीएस देवेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की एक-एक बूंद का संरक्षण करने के लिए अधिकतम प्रयास करें और स्थायी समाधान तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बाढ़ नियंत्रण बोर्ड के एजेंडे में नदी संरक्षण कार्य को शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश हैं कि जलभराव वाले पानी को ड्रेन में डालने की बजाय सिंचाई के कार्य में उपयोग लाया जाए या भूमि में रिचार्ज सुनिश्चित करें।
हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्ष केशनी आनंद अरोड़ा ने बंद पड़े नलकूपों को पानी रिचार्ज करने के लिए उपयोग में लाने का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण ने एक जिला जल योजना तैयार की है। इसके लिए एक विस्तृत प्रारूप तैयार किया है। उन्होंने उपायुक्तों से भूजल की स्थिति पर ग्रामवार योजना तैयार करने का आग्रह किया।
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