चंडीगढ़। बिजली कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए संसद में अभी बिजली संशोधन बिल-2021 पेश नहीं किया गया है। केंद्रीय कैबिनेट ने भी इसे स्वीकृति प्रदान नहीं की है। इसे देखते हुए बिजली कर्मियों ने मंगलवार को तय राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्थगित करने का फैसला लिया है। 10 अगस्त को अब हड़ताल के बजाय ऊर्जा क्षेत्र बचाओ-देश बचाओ के नारे के साथ देश भर में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर के राज्य संयोजक सुभाष लांबा ने बताया कि केंद्र सरकार को पत्र के जरिए इसकी विधिवत जानकारी दे दी है। दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर मानसून सत्र के बाकी बचे दिनों 11-12 व 13 अगस्त को जल्दबाजी में निजीकरण के बिल को पारित करवाने के प्रयास किए तो जिस दिन बिल सदन के पटल पर रखा जाएगा उसी दिन 27 लाख बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे। यह निर्णय सोमवार को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) की वर्चुअल बैठक में लिया गया।
उन्होंने बताया कि किसी भी बिल को सदन के पटल पर बहस के लिए रखने से पहले कैबिनेट मंजूरी की बाध्यता होती है इसलिए बिल को 10 अगस्त तक लोकसभा में सदन पटल पर नहीं रखा जा सकेगा। इसके मद्देनजर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टाला है।
ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशनज वर्कर यूनियन के चेयरमैन देवेंद्र हुड्डा, राज्य प्रधान सुरेश राठी, महासचिव नरेश कुमार, वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी व जितेंद्र सिंह तेवतिया ने बताया कि मंगलवार को राज्य भर में प्रदर्शन किए जाएंगे। इसमें अनेक कर्मचारी, किसान व मजदूर संगठन भी शामिल होंगे।