फेज-1 में प्लॉट 79 से 418 तक खुले नाले में सालभर बह रहा गंदा पानी, उद्यमियों ने समाधान की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र फेज-1 में प्लॉट नंबर 79 से 418 तक बना बरसाती नाला अब सीवरेज की निकासी का स्थायी रास्ता बन गया है। पूरे वर्ष नाले में गंदा पानी बहने से आसपास की फैक्ट्रियों, कार्यालयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों को दुर्गंध भरे माहौल में काम करना पड़ रहा है। लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद समाधान नहीं होने से उद्यमियों में नाराजगी बढ़ रही है।
उद्योगपतियों का कहना है कि बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाए गए इस खुले नाले में लगातार सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। नाले से उठने वाली बदबू के कारण कर्मचारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मी और बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
मच्छरों का बढ़ा प्रकोप, बीमारी का खतरा
उद्यमियों के अनुसार नाले में जमा और बहते गंदे पानी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों कर्मचारी और लोग आते-जाते हैं, लेकिन समस्या के समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एचएसवीपी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद न तो सीवरेज की निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई और न ही नाले को कवर करने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई हुई।
नाला कवर करने की मांग
उद्योगपतियों ने मांग की है कि बरसाती नाले में गिर रहे सीवरेज के पानी को तत्काल बंद कराया जाए और नाले को कवर करने की योजना को जल्द अमल में लाया जाए। उनका कहना है कि इससे न केवल दुर्गंध से राहत मिलेगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र का वातावरण भी स्वच्छ होगा और कर्मचारियों व आम लोगों को सुविधा मिलेगी।
कोट
सीवरेज पाइपलाइन डालने के लिए एस्टीमेट तैयार कर स्वीकृति हेतु भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही बजट जारी कर कार्य शुरू कराया जाएगा और क्षेत्र की समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
- मोहर सिंह, जेई, एचएसवीपी