एटीएम ठगी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हरियाणा पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ने प्रदेश के सभी 22 जिलों में एटीएम फ्राड इन्वेस्टिगेशन सेल (एएफआईसी) गठित की है। एएफआईसी उन एटीएम फ्राड के केसों की जांच करेगी, जिनके बारे में जिला पुलिस अनट्रेस की रिपोर्ट दे चुकी है। स्टेट क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जिलों से 132 अनट्रेस मुकदमे सेल को जांच के लिए सौंपे हैं।
रविंद्र निवासी भिवानी के साथ दिसंबर 2021 में हुई 55 हजार की ठगी को जिला पुलिस ने अनट्रेस घोषित कर दिया था। मामले की जांच सेल के एएसआई को सौंपी तो सीसीटीवी खंगालने पर पता लगा कि आरोपी अन्य मुकदमे में पहले ही सुनारिया जेल रोहतक में सजायाफ्ता है। अदालत से प्रोडक्शन वारंट जारी कर आरोपी सुनील निवासी रैनकपूरा रोहतक को गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूछताछ में अपने कई साथियों का खुलासा किया है। इसी प्रकार, एक अन्य मुकदमे में एटीएम फ्रॉड करने में माहिर राहुल उर्फ चैड़ा निवासी रैनकपूरा को गिरफ्तार किया। जांच में उसने 3 लाख, 84 हजार के फ्रॉड करने की बाद कबूल की और करीब 64,500 की बरामदगी की गई है। सेल जांच कर रही है।
अक्सर अनुसंधान में सबूतों के अभाव में आरोपी बच जाते हैं, लेकिन एटीएम फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन सेल की स्थापना इन अपराधों के ध्यान में रखते हुए की गई है ताकि आम जनता की मेहनत की कमाई को बचाया जा सके। वर्तमान में स्टेट क्राइम ब्रांच के अंतर्गत काम करने वाली सेल सभी अनट्रेस मुकदमों का बारीकी से अध्ययन कर रही है ताकि इन मुकदमों को सुलझा कर अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके। -ओपी सिंह, एडीजीपी, स्टेट क्राइम ब्रांच।
हरियाणा में एनसीआर के जिलों गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, मेवात में सबसे अधिक एटीएम फ्राड के मामले हैं। एटीएम ठगी में अधिकतर मेवात जिले के गैंगों के गुर्गे शामिल रहते हैं। इन चारों में रोजाना 40 से 50 ठगी के मामले सामने आते हैं। हालांकि, पहले के मुकाबले अब एटीएम बदलकर ठगी करने के बजाय आनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़े रहे हैं। मेवात को झारखंड का जामताड़ा कहा जाता है। जामताड़ा साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता है। हरियाणा के एक आईपीएस अधिकारी ने ट्वीट पर मेवात जामताड़ा का नाम दिया था। हालांकि, बाद में दबाव पड़ने पर उन्होंने ट्वीट हटा दिया था।