पंचकूला। विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने शहर को साफ-सुथरा और माहौल को बढ़िया बनाने के लिए फरवरी में एक अभियान शुरू किया था। इसमें शहर से जुड़े सात सरोकारों को शामिल किया गया था। इनमें स्लम फ्री पंचकूला, ड्रग फ्री पंचकूला, पॉलिथीन फ्री पंचकूला, प्रदूषण फ्री पंचकूला, स्ट्रे कैटल फ्री पंचकूला, स्ट्रे डॉग फ्री पंचकूला और अतिक्रमण फ्री पंचकूला शामिल हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरोकारों पर गंभीरता से काम कर इन्हें अंजाम तक पहुंचाया जाए। अमर उजाला इन सभी सरोकारों की पड़ताल कर आपको हकीकत से रूबरू कराएगा। एक सप्ताह तक लगातार अभियान चलाकर इन सभी मुद्दों की जमीनी हकीकत से आपको अवगत कराया जाएगा। पहले दिन पॉलिथीन फ्री पंचकूला की पड़ताल की जाएगी।
पॉलिथीन प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है और उसको नष्ट भी नहीं किया जा सकता। शहर की सफाई और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए सबसे जरूरी है कि पॉलिथीन पर रोक लगाई जाए। इसके लिए पंचकूला विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने अपने अभियान के एक सरोकार के रूप में पॉलिथीन को भी शामिल किया है। अभियान शुरू हुए तीन माह पूरे होने को हैं, मगर अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर में हर दुकान और रेहड़ी-ठेले पर पॉलिथीन खुलेआम प्रयोग हो रहा है। जिन अधिकारियों पर पॉलिथीन को हटाने की जिम्मेवारी है, वे महज खानापूर्ति कर रहे हैं। हर माह होने वाली मीटिंग में अधिकारी दावे करते हैं, और वे दावे केवल फाइलों तक ही सिमट कर रह जाते हैं। शहर में हर रोज कहीं ने कहीं सब्जी मंडी लगाई जाती है। सैकड़ों दुकानें वहां होती हैं। मगर नगर निगम के अधिकारी वहां झांक कर भी नहीं देखते। शहर के सेक्टरों में बनाई गई मार्केट का भी यही हाल है।
लोग भी नहीं लेकर जाते थैला
दुकानों पर पॉलिथीन उपलब्ध होने के कारण लोग भी अपने साथ कपड़े का थैला लेकर नहीं जाते हैं। ग्राहक सामान लेने से इनकार न कर दे इसलिए सभी दुकानदार पॉलिथीन भी अपने पास रखते हैं।
रंगीन पॉलिथीन 130 और सफेद 170 रुपये प्रति किलो
सेक्टर-14 सब्जी मंडी के एक दुकानदार ने बताया कि वे थोक विक्रेता से पॉलिथीन खरीदते हैं। उनको रंगीन पॉलिथीन 130 रुपये प्रति किलो मिल जाती है जबकि सफेद पॉलिथीन के लिए 170 रुपये प्रति किलो देने पड़ते हैं। उन्होंने बताया कि ज्यादातर फल और सब्जी विक्रेता रंगीन पॉलिथीन ही खरीदते हैं।
तीन माह में केवल 165 चालान
पॉलिथीन के चालान काटने का काम नगर निगम का है, मगर निगम अधिकारियों की चालान काटने में कोई रुचि ही नहीं है। फरवरी से लेकर अभी तक केवल 165 लोगों के ही चालान पॉलिथीन रखने पर हुए हैं। इस पर निगम अधिकारी अपनी पीठ भी थपथपा रहे हैं। चालान की राशि लगभग 80 हजार है। शहर में हर रोज कहीं न कहीं मंडी लगती है। इसके अलावा सेक्टर-19, सेक्टर-20, अभयपुर और बुडनपुर के अलावा कई जगह ऐसी हैं, जहां पर हर रोज सब्जी और फलों की दुकानें लगाई जाती हैं। मगर यहां पर कार्रवाई के लिए निगम की टीम कभी नहीं पहुंचती है।
जिले में यहां लगती हैं मंडियां
सोमवार सेक्टर-26
मंगलवार सेक्टर-15
बुधवार सेक्टर-20
वीरवार सेक्टर-5
शुक्रवार पिंजौर
शनिवार सेक्टर-14
रविवार कालका
नगर निगम की तरफ से पॉलिथीन रखने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। फरवरी से लेकर अभी तक 165 लोगों के चालान भी काटे गए हैं। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा। - अविनाश सिंगला, सैनिटेशन अधिकारी, नगर निगम