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सपना स्मार्ट कार्ड का, राशन कार्ड से भी वंचित हैं पंचकूला के लोग

Fri, 24 Jun 2016 01:31 AM IST
दीपक शाही
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फटा हुअा राशन कार्ड। - फोटो : अमर उजाला
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जिले के कार्ड धारकों को स्मार्ट कार्ड के सपने दिखाए गए। ये योजना तीन साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाई। प्रदेश सरकार का ये प्रोजेक्ट आज भी ठंडे बस्ते में है। एक तरफ प्रदेश के लोगों को आईटी फ्रेंडली बनाने की कवायद हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पंचकूला में लोगों के नए राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। क्योंकि फूड एंड सप्लाई कार्यालय में राशन कार्ड के बुकलेट पिछले छह माह से मौजूद नहीं हैं। नतीजा राशन कार्ड के लिए पंचकूला के लोग कार्यालय के चक्कर काट काट कर थक चुके हैं पर राशन कार्ड नहीं बन पाया। लोगों की मांग पर ‘अमर उजाला’ ने मामले की छानबीन की तो पता चला कि स्मार्ट कार्ड मुहैया कराने के चक्कर में विभाग ने राशन कार्ड का बुकलेट ही नहीं छपवाया। इससे लोगों के स्मार्ट कार्ड भी नहीं बन पाए।
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राशन कार्ड के लिए दो माह और इंतजार
पंचकूला के लोगों को नए राशन कार्ड के लिए दो माह और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि फूड एंड सप्लाई विभाग के हेड ऑफिस में राशन कार्ड के बुकलेट समाप्त हो चुके हैं। इसकी पुष्टि जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर मेघना कवल ने की। उन्होंने बताया कि ये समस्या पूरे प्रदेश में है। राशन कार्ड के बुकलेट छपने के लिए गए हैं। अभी एक दो माह का और समय लगेगा।   

2005 के बाद नहीं बने राशन कार्ड
2005 में जिन धारकों के राशन कार्ड बनाए गए थे वह 2010 दिसंबर तक मान्य थे। इसके बाद सरकार दो-दो साल के लिए इसकी अवधि सीमा बढ़ाती गई। अब तक उन्हीं पुराने राशन कार्ड से लोग काम चला रहे हैं। इसमें जिनके बचपन में राशन कार्ड बनाए गए थे उनकी शादी हो चुकी है। बच्चे भी हैं। ऐसे में उनके सामने सबसे बड़ी समस्या ये है कि परिवार का नया राशन कार्ड नहीं बन पाया।  
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प्रदेश के 55 लाख धारकों को सपने दिखाए पर स्मार्ट कार्ड मिला नहीं 
प्रदेश के 55 लाख कार्ड धारकों को 2013 जून तक स्मार्ट कार्ड मुहैया कराने की बात कही गई थी। लेकिन समय के साथ ये प्रोजेक्ट भी धूमिल होते गए। स्मार्ट कार्ड के लिए प्रदेश सरकार ने 2012 में फार्म भरवाने भी शुरू कर दिए थे। स्मार्ट कार्ड के लिए परिवार के तीन सदस्यों के फिंगर प्रिंट लिए गए थे, ताकि इनमें से कोई भी जाकर राशन का सामान ले सके। इसके लिए पंचकूला में ट्रायल के आधार पर तीन डीलरों के यहां बायोमैट्रिक प्रणाली शुरू भी शुरू गई थी। इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाना था। 

जिले में कार्ड धारकों की संख्या 
पंचकूला में फिलहाल कार्ड धारकों की संख्या करीब 50 हजार है। कालका, पिंजौर सहित आसपास के इलाके को मिलाकर यह संख्या 1.10 लाख है। 

कोट्स 
राशन कार्ड बुकलेट की डिमांड हेड ऑफिस भेजी गई है। ये समस्या पूरे प्रदेश में है। हेड ऑफिस में राशन कार्ड के बुकलेट समाप्त हो चुके हैं। अभी एक दो माह समय और लग सकता है। मेघना कवल, जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर पंचकूला।
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