चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने वीरवार को किसान भवन में बैठक की। इसमें फैसला लिया गया कि भारत-अमेरिका समझौते, कर्जा माफी, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, बिजली और बीज बिल के खिलाफ 10 मार्च को बरनाला में रैली की जाएगी। रैली में इस संघर्ष को और तेज करने पर भी फैसला लिया गया।
एसकेएम के नेता रामिंदर सिंह पटियाला ने कहा कि केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल समझौते पर देश को गुमराह कर रहे हैं इसलिए उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि तुरंत उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए। । साथ ही इस समझौते को रद्द किया जाना चाहिए और कृषि क्षेत्र को किसी भी समझौते से बाहर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समझौते पर हस्ताक्षर न करें।
इसी तरह बठिंडा में किसानों और पुलिस के बीच टकराव पर उन्होंने कहा कि एसएसपी बठिंडा के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि किसान शांतिपूवर्क प्रदर्शन कर रहे थे बावजूद इसके उन पर यह कार्रवाई की गई। 22 फरवरी को सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक वरिष्ठ भाजपा नेताओं और आम आदमी सरकार के मंत्रियों के घरों के सामने दिए जाने वाले धरने की तैयारियों की भी समीक्षा भी गई और धरने को सफल बनाने के लिए विभिन्न नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
उन्होंने कहा कि पानी को लेकर समझौते विधानसभा में रद्द किए जाने चाहिए। प्रदेश में पानी का संकट बढ़ता जा रहा है। दूषित पानी की पहले से समस्या है और इसे लेकर भी वह अपना संघर्ष तेज करेंगे। बैठक में बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ. दर्शनपाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, हरिंदर सिंह लख्खोवाल और बूटा सिंह बुर्जगिल समेत अन्य नेता मौजूद थे।