पंचकूला। नगर निगम की टीम ने शुक्रवार को सेक्टर-20 की सड़कों के गड्ढे भरे। टीम ने सबसे पहले सड़क की सफाई करके मिट्टी हटाई। इसके बाद तारकोल का छिड़काव करके बजरी डाली गई। ऊपर से दोबारा तारकोल का छिड़काव किया गया। इतना सब कुछ होने के बाद भी सड़क समतल नहीं हुई। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। उन्होंने निगम के इस कार्य को महज खानापूर्ति करार दिया है। सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के सदस्यों का कहना है कि जिस तरह से नगर निगम की टीम द्वारा गड्ढों को भरकर सड़क का पैचवर्क किया गया है वह एक बारिश भी नहीं झेल सकती है। ऐसे में निगम कर्मचारियों की मेहनत और जनता का पैसा पानी में बह जाएगा।
आरडब्ल्यूए ने असंतोष प्रकट कर कहा है कि यदि नगर निगम के अधिकारियों ने लोगों को गड्ढों की समस्या से निजात दिलानी है तो सबसे पहले टेक्निकल टीम की राय लेनी चाहिए। पूरे शहर का बरसाती पानी सेक्टर-20 में ही आता है, जोकि कई दिनों तक सड़कों पर जमा रहता है। यही कारण है कि इस सेक्टर की सड़कों की हालत दयनीय है। सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के वरिष्ठ उपप्रधान योगेंद्र क्वात्रा का कहना है कि वह लंबे समय से मेयर कुलभूषण गोयल और निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह से मांग कर रहे हैं कि पैचवर्क के स्थान पर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाए। इससे निगम को हर मानसून के बाद सड़कों का पैचवर्क नहीं करना पड़ेगा। इससे निगम का राजस्व का नुकसान भी नहीं होता और लोगों को गड्ढों के चलते परेशानी नहीं होगी।
पहले सुविधा दे निगम, पेड पार्किंग करे
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए के सचिव अविनाश मलिक का कहना है कि नगर निगम सुविधाएं देने में पीछे है, लेकिन शुल्क वसूलने के मामले में आगे है। अभी हाल ही में मेयर कुलभूषण गोयल ने अधिकारियों को सेक्टर-14 और सेक्टर-20 मार्केट की पार्किंग को पेड करने का आदेश दिया है। लेकिन, सेक्टर-20 के निवासियों को निगम की ओर से सुविधाएं क्या मिल रही हैं इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। आगजनी की घटना से बचाव के लिए दमकल केंद्र का सब स्टेशन तो खोल दिया गया, लेकिन हाईड्रोलिक प्लेटफार्म पिछले एक साल से खराब है। ऐसी सुविधा प्रदान करने का क्या मतलब है।