नागर ने नौकरियों के इस खेल की पूरी लिस्ट बनाई थी। जिन अभ्यर्थियों से पैसे आ चुके हैं, उसके आगे टिक मार्क किया गया था, जबकि जिनसे पैसे नहीं आए हैं, उन पर पेंडिंग लिखा हुआ है। आरोपी नवीन और अश्वनी द्वारा भेजे गए रोल नंबरों और पैसे का पूरा हिसाब रखता था।
आरोपी नवीन का कबूलनामा: 8 उम्मीदवार 20-20 लाख लेकर पास कराए
झज्जर जिले के गांव जमालपुर निवासी अश्वनी शर्मा और भिवानी के गांव कोंठ निवासी नवीन ने भी अपने कबूलनामे में कई अहम बातों का खुलासा किया है। नवीन ने माना है कि उसने डेंटल सर्जन की परीक्षा में 8 उम्मीदवारों से 20-20 लाख लेकर पास कराया है। एचसीएस प्री परीक्षा में अश्वनी और विजय बल्हारा से मिलकर 2 उम्मीदवारों को 20-20 लाख लेकर पास कराया है। इसके अलावा, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग में 40 स्टाफ नर्स, 4 वीएलडीए और 15 से 16 एएनएम को 10-10 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराई हैं। नवीन ने माना है कि अश्वनी एचएसएससी में अधिकारियों-कर्मचारियों से सेटिंग कर परीक्षा पास कराता था। वहीं, अश्वनी ने कबूल किया को पैसे के लेनदेन और ओएमआर सीटों को लेकर उसने सोनीपत में एक मकान किराए पर ले रखा था।