चंडीगढ़। हरियाणा का नया हरित विधानसभा भवन चंडीगढ़ में बनने की उम्मीद बंध गई है। साथ ही वर्तमान विधान भवन में बकाया 13 फीसदी हिस्सा और पंजाब विश्वविद्यालय में प्रदेश की 4 प्रतिशत हिस्सेदारी भी आने वाले समय में मिल सकती है। लंबे अरसे से इनके लिए प्रयासरत हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने तीनों मांगों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से मानने का दावा किया है। गुप्ता ने बुधवार को प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार शाम इन विषयों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की थी। शाह ने तीनों मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। नए परिसीमन में हरियाणा में विधायकों की संख्या बढ़ेगी। मौजूदा सदन में 90 विधायकों के लिए ही स्थान उपलब्ध है। इसलिए नए भवन के लिए उन्होंने चंडीगढ़ में 10 एकड़ भूमि मांगी है।
शाह ने गुप्ता से सवाल किया कि हरियाणा राज्य के गठन के इतने साल बाद पंजाब विधानसभा में अपना हिस्सा क्यों मांग रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि तात्कालीन सरकारों और विधानसभा अध्यक्षों ने ये मुद्दा उतने प्रभावी तरीके से नहीं उठाया। अब अधिक जगह की जरूरत महसूस हो रही है, इसलिए पुरजोर पैरवी कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर नया विधानसभा भवन ग्रीन कोड के अनुरूप बनाएंगे।
उन्होंने वर्तमान विधान भवन में पंजाब के अवैध कब्जे हटवाने की मांग भी केंद्रीय गृह मंत्री से की है। विधान भवन चंडीगढ़ यूटी की संपत्ति है। केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यह कार्य सीधे-सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आता है। इसलिए उन्होंने कहा कि यूटी प्रशासन के माध्यम से पंजाब से हरियाणा का हिस्सा दिलाया जाए। करीब 55 साल से हरियाणा इसके लिए मांग कर रहा है।
पीयू में हिस्सेदारी के लिए दिए अनेक तर्क
गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में हरियाणा के हिस्से की बहाली की भी मांग की है। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर जिला के सभी कॉलेजों को पंजाब विश्वविद्यालय से संबद्ध करना चाहिए। ऐसा नहीं होने के कारण इन युवाओं का हक मारा जा रहा है। तीनों जिले के कॉलेजों के विश्वविद्यालय के साथ जुड़ने पर उन्हें 85 फीसदी कोटे के तहत दाखिला मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा-पंजाब के बंटवारे के वक्त भी विश्वविद्यालय में दोनों प्रदेशों को 40:60 का हिस्सा देने का प्रावधान हुआ था। गुप्ता ने कहा कि पूर्व सीएम बंसी लाल ने पीयू अधिकारियों के उचित व्यवहार न करने पर प्रदेश की 4 फीसदी हिस्सेदारी छोड़ दी थी। हालांकि, पीयू की उच्च अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट में लिखा हुआ है कि 200-250 किलोमीटर के दायरे में आने वाले कॉलेज इससे संबद्घ होने चाहिए। केंद्र सरकार हरियाणा की पीयू में हिस्सेदारी बहाल करवाए, वह अपने हिस्से की राशि देने को तैयार हैं। वह पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के नए प्रशासक से जल्द ही विधानसभा का बकाया हिस्सा दिलाने को लेकर मुलाकात करेंगे। बीते मंगलवार को उन्होंने शिष्टाचार भेंट के लिए आग्रह किया है।
दूसरों राज्यों का दिया उदाहरण
गुप्ता ने शाह को बताया कि छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, उत्तराखंड के अलावा राजस्थान ने नया विधान भवन जयपुर, गुजरात ने गांधीनगर और हिमाचल प्रदेश ने धर्मशाला में बनाया है। देश की राजधानी नई दिल्ली में भी नया संसद भवन बनाया जा रहा है।