चंडीगढ़। सेक्टर-45 के अस्पताल में टीकाकरण को लेकर खामियां दिखीं। सोमवार सुबह 30 से ज्यादा बुजुर्गों ने अस्पताल में आकर पंजीकरण करवाया। उसके बाद उन्हें एक टोकन नंबर देकर इंतजार करने को कहा गया। करीब 12 बजे अस्पताल स्टाफ ने बुजुर्गों से कहा कि जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, सिर्फ उन्हीं को टीका लगेगा। इससे सुबह से इंतजार कर रहे बुजुर्ग नाराज हो गए और अस्पताल स्टाफ के साथ उनकी जमकर बहस हुई। बाद में उन्हें वापस घर जाने को बोल दिया।
बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि अस्पताल स्टाफ ने उनका उत्पीड़न किया है। अस्पताल में बैठने की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सुबह 9 बजे से अस्पताल पहुंचे बुजुर्ग बाहर छत पर नीचे बैठकर इंतजार करते रहे। तीन घंटे का इंतजार करवाने के बाद उन्हें बताया भी नहीं गया कि उन्हें टीका कब लगेगा? उन्हें जो सुबह पर्ची दी गई, वो किसके लिए थी। अस्पताल के एसएमओ डॉ. राजीव खनेजा जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कुछ नहीं कहा और टीकाकरण केंद्र सहित हर कमरे के बाहर नोटिस लगवा दिया कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने पर ही टीका लगेगा। उसके बाद कैंसर व अन्य बीमारी से पीड़ित बुजुर्गों को बिना टीका लगवाए वापस लौटना पड़ा। बाद में सिर्फउन्हीं को टीका लगा, जिन्होंने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था।
अधरंग का मरीज, स्टाफ ने दिखाई गैर जिम्मेदारी
मेरी उम्र 72 वर्ष है और मैं अधरंग का मरीज हूं। मुझे ऑनलाइन पंजीकरण करना नहीं आता इसलिए अस्पताल चला आया। यहां सुबह पंजीकरण किया जा रहा था लेकिन इंतजार करने के बाद बोला गया कि 16 के अस्पताल में जाओ, वहां पंजीकरण होगा।
-अशोक कुमार, बुजुर्ग
स्मार्टफोन ही नहीं कैसे करें पंजीकरण
मेरे पास स्मार्टफोन ही नहीं है। मुझे ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया का नहीं पता। मैं पहले सेक्टर-40 की डिस्पेंसरी में गया, वहां वहां मुझे बोला गया कि सिविल अस्पताल 45 में जाओ। अब जब 45 के अस्पताल में आया तो कहा जा रहा 16 के अस्पताल में जाओ। बुजुर्गों का शोषण किया जा रहा है। मेरी उम्र 74 वर्ष है। सुबह से मैं भटक रहा हूं। अस्पताल स्टाफ की ओर से सही सूचना भी नहीं दी जा रही।
- टीकाराम, बुजुर्ग
तीन घंटे इंतजार के बाद भी टीका नहीं लगा
मैंने सुबह 9 बजे के करीब आकर मौके पर पंजीकरण करवाया था। पंजीकरण अस्पताल के स्टाफ ने ही किया, अब अस्पताल के स्टाफ का ही कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को ही टीका लगेगा। मेरी उम्र 66 वर्ष है, अस्पताल का यह रवैया बुजुर्गों को परेशान करने वाला है।
-विनोद कुमार, बुजुर्ग
सुबह नौ बजे पर्ची दी, दोपहर साढ़े 12 बजे कहा नहीं लगेगा टीका
मैंने सुबह 9 बजे अस्पताल में आकर पंजीकरण करवाया था। स्टाफ ने मुझे पर्ची काटकर दी, जिस पर 34 नंबर लिखा था। स्टाफ ने बोला आपको इस नंबर की बारी आने पर टीका लगेगा लेकिन तीन घंटे के इंतजार के बाद नोटिस लगाकर बोल रहे हैं कि सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को ही टीका लगेगा, आप लोग घर जाए। मेरी उम्र 64 वर्ष है।
-कृपाल सिंह, बुजुर्ग