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Panchkula News: सिविल अस्पताल की सुरक्षा होगी मजबूत, वीआईपी ड्यूटी से लौटाए गए 16 कर्मी

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लगातार सामने आई घटनाओं के बाद प्रबंधन सख्त, खाली पड़े चार पद भरने की प्रक्रिया शुरू
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सुरक्षा कर्मियों के 47 स्वीकृत पदों में चार अभी रिक्त
वीआईपी ड्यूटी पर तैनात 16 कर्मियों को वापस बुलाया गया
मुख्य गेट, इमरजेंसी और पार्किंग क्षेत्र में बढ़ाई निगरानी
हाल के वर्षों में चोरी, शव मिलने और आरोपी के फरार होने जैसी घटनाएं हुईं
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वीआईपी ड्यूटी पर तैनात 16 सुरक्षा कर्मियों को वापस बुलाकर अस्पताल में तैनात किया गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि अब मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होने दी जाएगी। साथ ही सुरक्षा कर्मियों के चार रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों के 47 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से चार पद अभी खाली हैं। इसके अलावा 16 कर्मी वीआईपी ड्यूटी पर तैनात होने के कारण अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। मुख्य गेट, इमरजेंसी वार्ड और पार्किंग क्षेत्र में निगरानी कमजोर पड़ने से मरीजों और उनके परिजनों ने भी चिंता जताई थी।
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अस्पताल प्रबंधन के अनुसार स्टाफ की कमी को देखते हुए वीआईपी ड्यूटी से लौटाए गए कर्मियों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। नए कर्मियों की नियुक्ति तक मौजूदा स्टाफ की शिफ्टें बनाकर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

कई घटनाओं ने खड़े किए थे सवाल
पिछले कुछ समय में अस्पताल परिसर में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। चार दिन पहले 27 वर्षीय युवक आलम का शव इमरजेंसी के शौचालय में मिला था। इसी वर्ष अप्रैल में आईसीयू में कार्यरत नर्स प्रीति बैनीवाल का शव डॉक्टरों के वॉशरूम में मिला था।

इसके अलावा एक बुजुर्ग मरीज का शव पोस्टमार्टम कक्ष के पीछे मिला, जबकि बैग चोरी, यूपीएस बैटरियों की तार चोरी, ऑक्सीजन सप्लाई की कॉपर पाइप चोरी और अस्पताल में लाए गए चोरी के आरोपी के फरार होने जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। सुरक्षा जांच के दौरान कई स्थानों पर गार्डों की अनुपस्थिति भी पाई गई थी।
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कोट
अस्पताल में संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखने में अब कोई चूक नहीं होगी। इमरजेंसी और मुख्य प्रवेश द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वीआईपी ड्यूटी पर तैनात 16 कर्मचारियों को भी वापस अस्पताल में लगाया गया है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी बनी रहे। - डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ, सिविल अस्पताल
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