पंचकूला। सेक्टर-20 ओवरब्रिज के पास साल 2019 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में आठ साल के समर शर्मा की मौत और उसकी मां सुमन शर्मा के घायल होने के मामले में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने सुमन शर्मा को 4.92 लाख रुपये और बेटे की मौत के लिए माता-पिता को 11.97 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस हादसे के लिए ड्राइवर और वाहन मालिक दोनों जिम्मेदार ठहराया है। दोनों को ही यह मुआवजा देना होगा। यह मामला सुमन शर्मा और उनके पति कुलदीप शर्मा बनाम अभिषेक जिंदल आदि के रूप में दर्ज था। दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई की गई।
क्या था मामला
यह हादसा 6 अप्रैल 2019 को हुआ था। ढकोली, जीरकपुर निवासी सुमन शर्मा अपने बेटे समर और बेटी पलक को लिटिल फ्लावर स्कूल, सेक्टर-14 पंचकूला से लेकर स्कूटर पर घर लौट रही थीं। दोपहर करीब 12:15 बजे जब वे सेक्टर-20 ट्रैफिक लाइट पर हरी बत्ती पार कर रही थीं, तभी सेक्टर-20 की ओर से तेज रफ्तार में आ रही टोयोटा एटियॉस कार ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुमन शर्मा और उनके दोनों बच्चे ओवरब्रिज से नीचे जा गिरे। तीनों को सिविल अस्पताल, सेक्टर-6 पंचकूला में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत में समर को पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया जहां 10 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने कार चालक अभिषेक जिंदल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उस पर आईपीसी की धाराएं 279, 304 ए, 337 और 338 लगाई गई थीं।
मां को गंभीर चोटें, 42 फीसदी दिव्यांगता
सुमन शर्मा, जो उस समय 35 वर्ष की थीं, ने बताया कि वे गृहिणी होने के साथ अचार का छोटा व्यवसाय करती थीं और करीब 15 हजार रुपये मासिक कमाती थीं। हादसे में उनके पैरों, रीढ़ और नाक में गंभीर चोटें आईं। वे करीब तीन हफ्ते तक अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती रहीं और इलाज पर लगभग 10 लाख रुपये खर्च हुए। उन्होंने 70 लाख रुपये का मुआवजा मांगा था। ट्रिब्यूनल ने माना कि सुमन शर्मा को गंभीर चोटें आईं और उनकी बाईं टांग में 42 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता रह गई है। अदालत ने उन्हें कुल 4,92,422 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।