पंचकूला। सरकारी स्कूलों के छोटे बच्चों में गणित को रटने की बजाय खेल-खेल में समझने की सोच को बढ़ावा देने के लिए पंचकूला जिला प्रशासन और जिला मौलिक शिक्षा विभाग ने एक बेहतरीन पहल शुरू की है। निपुण हरियाणा मिशन के तहत जिले में “निपुण पज़ल एवं पैटर्न चैंपियनशिप-2026” का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कक्षा 1 से 3 तक के 13778 विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। जिला एफएलएन समन्वयक और मिशन के नोडल अधिकारी असिन्द्र कुमार ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए 4 स्तर होंगे। पहला स्कूल, दूसरा क्लस्टर, तीसरा ब्लाॅक स्तर और फिर जिला स्तर पर फाइनल टीमों में चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में पहले से ही साप्ताहिक पजल और पैटर्न वर्कशीट का अभ्यास करवाया जा रहा है। अब उसी अभ्यास को प्रतिस्पर्धा का रूप देकर बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया जा रहा है। हर स्तर पर बच्चों की प्रगति को ट्रैक भी किया जाएगा। विद्यालय स्तर पर कक्षा 1, 2 और 3 के बच्चों की स्तर के अनुसार 19 सितंबर को पजल गतिविधियों से स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके लिए जिला के प्राइमरी स्कूलों में तैयारियां जोरों से शुरू हो गई हैं। प्रतियोगिता में संख्या पैटर्न, आकृति पैटर्न, मिलान, वर्गीकरण, दृश्य पज़ल, संख्या बोध और तार्किक सवाल पूछे जाएंगे। इसके बाद 21 सितंबर से हर स्कूल से टॉप-2 टीमों का चयन होगा जो क्लस्टर स्तर पर भिड़ेंगी।
क्या होगा पैटर्न में, कैसे होगी क्विज
इंचार्ज असिंद्र कुमार ने बताया कि चार स्तर पर होने वाली स्पर्धाओं के बाद फाइनल चैंपियनशिप का आयोजन जिला स्तर पर किया जाएगा। पहले दो चरणों के बाद खंडस्तर पर कलस्टर की विजयी टीमों के बीच मुकाबला होगा। इसके बाद जिला स्तर पर हर खंड से टॉप-2 टीमें जिला फाइनल में पहुंचेंगी। ब्लॉक और जिला स्तर पर पहुंचने पर बच्चों के लिए कौन बनेगा करोड़पति की तर्ज पर विशेष क्विज मंच सजेगा। यहां बच्चे फिफ्टी-फिफ्टी और फोन ए फ्रेंड जैसी लाइफ लाइन का भी उपयोग कर सकेंगे, जिससे छोटे बच्चों में रोमांच और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा।