चंडीगढ़। छठे वेतन आयोग की सिफारिशों और अन्य मांगों को लेकर पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच बना गतिरोध बुधवार को भी समाप्त नहीं हो सका। हालांकि वित्त मंत्री की ओर से यह भरोसा दिलाया गया कि मुलाजिमों के न्यूनतम वेतन में 15 फीसदी व उससे अधिक की बढ़ोतरी अवश्य होगी। सरकार की ओर से यह भी दावा किया गया कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने से मुलाजिमों को प्रति वर्ष 80 हजार रुपये का फायदा होगा। इसके अलावा करीब ढाई लाख रुपये एरियर भी दिया जाएगा।
बुधवार को हुई बैठक में सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों से जुड़ी मुलाजिमों की कई आशंकाओं को दूर करने का भरोसा देते हुए काफी नरम रुख दिखाया, लेकिन मुलाजिम संगठन इससे ज्यादा संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने 9 अगस्त से अपनी पूर्व घोषित हड़ताल का फैसला वापस नहीं लिया। उन्होंने सब-कमेटी के साथ बैठक में सरकार से कहा कि वे इस बारे में अपने साथी मुलाजिमों के साथ विचार-विमर्श करके फैसला लेंगे। सरकार की तरफ से वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने यह भी भरोसा दिया कि कई अलाउंस जोकि आउटडेटेड हो गए थे, उन्हें बरकरार रखा गया है। उन्होंने डॉक्टरों का एनपीए बंद किए जाने संबंधी मामले में साफ किया कि पुराना सिस्टम अभी चलता रहेगा, लेकिन जो एनपीए 25 फीसदी था, अब वह 20 फीसदी होगा। वित्त मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि बेसिक-पे के साथ इसे लिंक किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि इस मामले को हल करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा गठित कैबिनेट सब-कमेटी ने मंगलवार को भी मुलाजिम संगठनों से बात की थी, लेकिन उसमें भी कोई हल नहीं निकल सका था। इस पर सरकार ने अगले ही दिन बुधवार शाम मुलाजिम संगठनों से दोबारा बैठक की। इस बैठक में कैबिनेट सब-कमेटी के सदस्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, ओपी सोनी, साधू सिंह धर्मसोत, मनप्रीत सिंह बादल और कुलजीत सिंह नागरा ने ब्रह्म मोहिंदरा के नेतृत्व में हिस्सा लिया। बैठक के बाद मनप्रीत बादल ने कहा कि वेतन आयोग से मुलाजिमों की उम्मीदें और सरकार का वित्तीय सिस्टम, दोनों के आधार पर ही सब कुछ तय होता है। उन्होंने कहा कि राज्य में 2.85 लाख सरकार कर्मचारी हैं और 3 लाख पेंशनर हैं। वेतन आयोग मुलाजिमों का मासिक वेतन बढ़ाने का काम करता है न कि कम करने का। उन्होंने कहा कि वह यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि मुलाजिमों का वेतन कम नहीं हो रहा है बल्कि 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ रहा है।
मुलाजिम संगठन बाकी मांगों का भी चाहते हैं निपटारा
मुलाजिम संगठनों ने कहा कि सरकार ने 15 फीसदी बढ़ोतरी की बात कही है और भत्ते बंद नहीं किए जाने का भरोसा दिलाया है। मंगलवार की बैठक में सरकार मुलाजिमों के वेतन में 10 फीसदी बढ़ोतरी को राजी हुई थी, जिसे आज बढ़ाकर 15 फीसदी किया गया है। मुलाजिम संगठनों का कहना है कि वेतनमान निर्धारण में 2.25 गुणांक सिस्टम पर सरकार पहले की तरह कायम है। वे अभी सरकार के रुख से बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं हैं क्योंकि बाकी मांगें, जिनमें पेंशन, कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, प्रोबोशन पीरियड संबंधी मांगों पर सरकार का रुख साफ नहीं है। फिर भी सरकार की तरफ से जो पेशकश की गई है, उस पर विचार के लिए 7 अगस्त को लुधियाना में बैठक बुलाई गई है। हड़ताल का फैसला पहले की तरह कायम है और सभी मुलाजिम 9 अगस्त से हड़ताल पर चले जाएंगे। सरकार वेतनमान तय करने के लिए लागू किया 2.25 गुणांक का फार्मूला वापस लेने को तैयार नहीं हुई है।
कच्चे मुलाजिमों के साथ सरकार की बैठक रही बेनतीजा
पंजाब के मान भत्ता व कच्चे कांट्रैक्ट मुलाजिम मोर्चे की बुधवार को शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला व मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव सुरेश कुमार के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। पंजाब सिविल सचिवालय में हुई इस बैठक के दौरान आशा वर्करों, मिड डे मील वर्करों, वन विभाग के मुलाजिमों, एसएसए के नॉन टीचिंग अमले समेत सभी विभागों के कच्चे और कांट्रैक्ट मुलाजिमों की मांगों पर चर्चा तो हुई, लेकिन किसी भी मांग का पुख्ता हल नहीं निकल सका। इसके विरोध में मुलाजिम मोर्चे ने पहले से घोषित आंदोलन के कार्यक्रम के अनुसार 15 अगस्त को मुख्यमंत्री द्वारा हिस्सा लिया जाने वाले कार्यक्रमों में उन्हें काले झंडे दिखाने का फैसला किया है।
मुलाजिमों से वार्ता से पहले सरकार ने खुद किया मंथन
पंजाब सरकार ने बुधवार को मुलाजिम संगठनों के साथ बैठक से पहले एक उच्च स्तरीय मीटिंग बुलाकर पूरे मामले पर गहन मंथन किया। इस बैठक में कैबिनेट सब कमेटी के सभी सदस्य मंत्री और मुख्यमंत्री के चीफ प्रिंसिपल सेक्रेट्री सुरेश कुमार शामिल हुए। इनके अलावा मुख्य सचिव विनी महाजन, वित्त सचिव केएपी सिन्हा भी बैठक में मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार बैठक के दौरान मुलाजिम संगठनों की ओर से छठे वेतनमान को लेकर उठाए गए मुद्दों और आशंकाओं पर गहन विचार विमर्श किया गया।