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सड़क निर्माण एजेंसियां दुर्घटना संभावित प्वाइंट की पहचान करें : डीसी

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पंचकूला। जिले की सड़कों को दुर्घटना मुक्त करने और प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाओं को 20 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर उनको दुरुस्त किया जा रहा है। सड़क निर्माण एजेंसियों राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़के), हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईडीसी) सड़कों पर दुर्घटना संभावित प्वाइंट की पहचान करे ताकि वहां दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अंडरपास, जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक लाइट प्वाइंट, रंबल स्ट्रीप्स आदि की व्यवस्था की जा सके। उपायुक्त महावीर कौशिक ने मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में सड़क सुरक्षा समिति और सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी को लेकर आयोजित बैठक मेें इसकी जानकारी दी।
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बैठक की अध्यक्षता कर उन्होंने कहा कि मानव जीवन अमूल्य है, सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर उनको दुरुस्त किया जा रहा है। उपायुक्त महावीर कौशिक ने निर्देश दिए कि जिन सड़क निर्माण एजेंसियों ने अभी तक रोड सेफ्टी ऑडिट नहीं करवाया है, वह समिति की आगामी बैठक से पूर्व इसे पूरा करवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा उन्होंने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को अपने विभागों के इंजीनियर्स को सड़क सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिलवाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी रोड निर्माण एजेंसियों की तरफ से पांच-पांच किलोमीटर स्ट्रैच को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। संबंधित विभाग इस कार्य को शीघ्र से शीघ्र पूरा करें।
कॉलेज खुलने और बंद होने के समय पुलिस रहे तैनात
उपायुक्त ने लावारिस पशुओं की वजह से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर संज्ञान लेकर नगर निगम को माजरी चौक से मोरनी टी प्वाइंट तक एक विशेष अभियान चलाकर लावारिस पशुओं को पकड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजकीय महाविद्यालय कालका के सामने सड़क दुर्घटना ना हो, इसके लिए कॉलेज के खुलने के समय सुबह 8.30 से 9.30 बजे तक और छुट्टी के समय दोपहर 2 से 3 बजे तक ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि वहां इस समय होने वाली भीड़ को व्यवस्थित किया जा सके। वाहनों के सुगम आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके।
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इसके अलावा उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सेक्टर-14 स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के सामने भी जेब्रा क्रॉसिंग और रंबल स्ट्रीप्स लगाएं ताकि वहां से गुजरने वाले वाहनों की वजह से संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उपायुक्त ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि वह शहर में संवेदनशील स्थानों पर नाके लगाएं और ओवर स्पीड के अधिक से अधिक चालान करें ताकि तेज गति से वाहन चलाने वालों को एक कड़ा संदेश मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग सुनिश्चित करे कि दुर्घटनास्थल पर एंबुलेंस कम से कम समय में पहुंचे ताकि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देकर उसे जल्द से जल्द से अस्पताल पहुंचाया जा सके। सिविल सर्जन कार्यालय से डॉ. अनुज बिश्नोई ने बताया कि वर्तमान में एंबुलेंस का दुर्घटनास्थल पर पहुंचने का समय औसतन छह मिनट है। इस अवसर पर उपायुक्त ने सुरक्षित वाहन पॉलिसी की भी समीक्षा की।
बसों की पासिंग प्रक्रिया को ठीक करें
उपायुक्त ने कहा कि स्कूली बसों की पासिंग की प्रक्रिया को कड़ा किया जाए। सभी स्कूली बसों में सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर, प्राथमिक चिकित्सा किट, अग्नि शामक यंत्र के साथ अटेंडेंट की भी व्यवस्था हो। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला शिक्षा अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय की संयुक्त टीम नियमित तौर पर स्कूलों का दौरा कर बसों का निरीक्षण करें। इस अवसर पर एसडीएम ऋचा राठी, जिला परिवहन अधिकारी रमित यादव, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़कों) के कार्यकारी अभियंता गौरव जैन, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के एसडीओ नवीन श्योराण, हरियाणा राज्य परिवहन निगम के ट्रैफिक मैनेजर व्योम शर्मा, रेडक्रॉस सोसायटी की सचिव सविता अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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