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धांधली : निविदा न कार्य आदेश, कर दिया 50 लाख का भुगतान

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सेक्टर-11 वन विभाग के भवन और कॉलोनी की कागजों में हो गई मरम्मत, 43 कार्यों की नहीं ली मंजूरी दीपक शाही
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पंचकूला। सेक्टर-11 वन काॅलोनी और सेक्टर-6 वन भवन की मरम्मत के नाम पर करीब 50 लाख रुपये धांधली करने का मामला सामने आया है। वन विभाग की गठित कमेटी की जांच रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 43 कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी तक नहीं ली गई थी। इनके न तो टेंडर दिए गए और न ही संविदाकार (ठेकेदार) को कोई वर्क आर्डर जारी किया गया। उसके बाद भी विभाग ने ठेकेदार के 50 लाख से ज्यादा के बिलों का भुगतान कर दिया है।
कई मकानों में सीलन, शौचालय की टोटियां और फ्लश टूटे
सेक्टर-11 के वन काॅलोनी के अधिकतर मकानों में घर के अंदर और बाहर सीलन है। बेड रूम से पेंट झड़ गया है। शौचालय की टोटियां और फ्लश खराब पड़े हैं। इनके हालत देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि इनकी मरम्मत पर लाखों रुपये खर्च किए गए होंगे। कई कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि यह लाखों रुपये का गबन का मामला है। इसकी हाई लेबल जांच होनी चाहिए, क्योंकि धरातल पर काम नहीं हो रहा है। कागजों में वर्क आर्डर मिलता है और कार्य कागजों में ही पूरा हो जाता है।
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जांच कमेटी ने कई बार मांगे दस्तावेज, कैश शाखा ने नहीं दिए
वन विभाग की तरफ से गठित कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में साफ लिखा है कि गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान वर्क आर्डर नंबर 1837 के तहत 15 और 2334 के तहत कुल 28 कार्यों के वर्क आर्डर में निविदा संख्या का जिक्र नहीं किया गया है, जिसके अधीन यह वर्क आर्डर निविदाकार को जारी किए गए हैं। यह अपने आप में अनियमितता है। इतना ही नहीं जांच कमेटी के सदस्यों ने जांच के लिए कैश शाखा को बार बार मौखिक और लिखित पत्र के जरिए अनुरोध किया कि 2021-22 के दौरान प्रशासनिक मंजूरी, अप्रूवल टेंडर डॉक्यूमेंट, मेजरमेंट बुक, कंपलिशन रिपोर्ट की मांग की, जो कैश शाखा ने उपलब्ध नहीं करवाया।


क्या कहती है कमेटी की जांच रिपोर्ट
कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट को तीन भागों में बांटा है। इनमें पहले भाग में साल 2021 दिसंबर, 2022 जनवरी और फरवरी में किए गए कार्यों के लिए ठेकेदार ने वन विभाग से 275858 रुपये वसूल कर लिया, लेकिन जांच कमेटी की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इन कार्यों के लिए कार्यालय के अभिलेख में कोई प्रशासनिक/तकनीकी मंजूरी नहीं मिली है। इन कार्यों के लिए वर्क आर्डर और टेंडर नंबर का जिक्र भी नहीं है। साथ ही कार्यों की कोई भी वर्क डिटेल ठेकेदार ने अपने बिल में अंकित नहीं किया है।


वन भवन में सरकारी पैसे का दुरुपयोग
पंचकूला सेक्टर-6 के वन भवन में भी सरकारी पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है। यहां तीसरी मंजिल पर एक फ्लोर ही तोड़ दिया गया है। जबकि यह फ्लोर बिल्कुल ठीक था। वन विभाग के अधिकारिक सूत्रों की माने तो बिल्डिंग के निर्माण में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च आया था, लेकिन दस से पंद्रह सालों में मरम्मत के नाम पर करीब 6 करोड़ से ज्यादा खर्च किया गया है। इस साल एक फ्लोर पर करीब सात लाख रुपये खर्च किया जा रहा है।

छह सालों में करीब 30 लाख की चपत लगाई
तीसरी जांच रिपोर्ट में कमेटी ने साफ कहा है कि कई साल से सभी प्रधान मुख्य वन संरक्षक की तरफ से वन काॅलोनी सेक्टर-11 और सेक्टर-6 वन भवन के सभी कार्यालयों कक्षों की अलग-अलग फाइल व अभिलेख तैयार करने के लिए लिखा जा रहा है, लेकिन इस पर कर्मचारी और अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। इन कार्यों पर कितना पैसा खर्च हुआ है, इसका आंकड़ा जुटा पाना मुश्किल है, लेकिन अधिकारिक सूत्रों की माने तो छह सालों में करीब 30 लाख रुपये का चपत लगाई गई है।


सेक्टर-11 के वन काॅलोनी की भवनों के मरम्मत कार्य में अनियमितताएं मिली थीं। इसकी जांच रिपोर्ट बनाकर डीएफओ को सौंप दिया है। मामले की जांच चल रही है। - धूप सिंह, परि. मुख्य प्रारुपकार, कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक, हरियाणा पंचकूला।


सेक्टर-11 वन कालोनी की जांच रिपोर्ट कमेटी की ओर से डीएफओ को सौंप दी गई है। इसमें कई खामियां पाई गई थी। मामले की जांच चल ही है या नहीं। इस संदर्भ में मुझे जानकारी नहीं है। विक्रमपाल, सहायक कार्यालय मुख्य वन संरक्षक पंचकूला।
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पंचकूला सेक्टर-11 के वन कॉलोनी में भवन मरम्मत की जांच के लिए कमेटी बनाई थी। कमेटी द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद विभाग के आला अधिकारियों को फाइनल जांच रिपोर्ट भेज दी गई थी। इस मामले में कुछ लोगों को नोटिस भी जारी किया गया था। - राजेश राणा, डीएफओ हेड क्वार्टर वन विभाग, वन काॅलोनी
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