हरियाणा में किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मामलों की वापसी शुरू हो गई है। लाखों कर्मचारियों, पेंशनर्स का डीए सरकार ने तीन फीसदी बढ़ा दिया है। न्यू पेंशन स्कीम के अंशदान में केंद्र की तर्ज पर चार प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। विवि की भर्ती परीक्षा एचपीएससी-एचएसएससी नहीं लेंगे। 20 हजार से अधिक नंबरदार नौकरी में बने रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते और पेंशनभोगियों एवं परिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत की दर को एक जुलाई 2021 से मूल वेतन एवं पेंशन का 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 31 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है।
नए कर्मचारियों के लिए क्रियान्वित एनपीएस योजना का शेयर केंद्र सरकार की तर्ज पर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत किया गया है। यह 1 जनवरी 2022 से लागू किया जाएगा, इससे कर्मचारियों को 25 करोड़ रुपये मासिक और सालाना 300 करोड़ का लाभ होगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में अलग-अलग पदों पर भर्तियों का फैसला लेने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी गठित की है। एचपीएससी-एचएसएससी के जरिये भर्ती परीक्षा आयोजित करने व इसके लिए विवि के नियमों में संशोधन को लेकर जारी पत्र सरकार ने वापस ले लिया। समिति में राज्यपाल (चांसलर) का प्रतिनिधि, उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव, कुरुक्षेत्र, एमडीयू व मीरपुर विवि के वीसी शामिल होंगे। समिति एक माह में रिपोर्ट देगी। इसकी सिफारिशों के बाद ही भर्तियों पर फैसला लिया जाएगा। हुड्डा के अनुरोध पर सीएम ने कहा कि यूजीसी निर्देशों व राष्ट्रीय शिक्षा नीति की अनुपालना होगी। विश्वविद्यालयों में पारदर्शी और योग्यता के आधार पर ही नियुक्तियां होंगी। विवि की स्वायतता बरकरार रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नंबरदारों को नहीं हटाया जाएगा। मासिक वेतन को 1500 से बढ़ाकर 3 हजार कर दिया है। इसके साथ-साथ 7 हजार रुपये मोबाइल के लिए दिए हैं। उन्हें आयुष्मान भारत का लाभ देने की फाइल क्लियर हो गई है, जल्द केंद्र सरकार से मंजूरी मिल जाएगी। नए नंबरदार की नियुक्ति पर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया है।