चंडीगढ़। हरियाणा लोक सेवा आयोग के उप सचिव अनिल नागर ने उसे बर्खास्त करने के 7 दिसंबर के हरियाणा सरकार के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नागर को बिना कोई राहत दिए याचिका पर सुनवाई 3 मार्च को करने का निर्णय लिया है।
याचिका दाखिल करते हुए नागर ने बताया कि स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने उसको भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद 7 दिसंबर को हरियाणा सरकार ने आदेश जारी कर उसे बर्खास्त कर दिया। याची ने कहा कि उसकी बर्खास्तगी का आदेश हरियाणा सिविल सेवा के नियमों के विपरीत है। उसका इस घोटाले से कोई लेना देना नहीं है और उसे फंसाया जा रहा है। याची ने कहा कि बर्खास्तगी के आदेश से पहले उसे जांच में शामिल नहीं किया गया और न ही कोई नोटिस दिया गया है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि याचिका लंबित रहते बर्खास्तगी के आदेश पर रोक लगाई जाए। हरियाणा सरकार की ओर से इस मामले में पक्ष रखने के लिए समय दिए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की मांग को स्वीकार करते हुए नागर को बिना कोई राहत दिए सुनवाई 3 मार्च को तय कर दी है।