चंडीगढ़। सतलोक आश्रम प्रकरण में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा को निलंबित करवाने के लिए अभी रामपाल को डेढ़ माह का इंतजार करना होगा। सजा निलंबन की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने रामपाल को बिना कोई राहत दिए सुनवाई 15 दिसंबर तक टाल दी है।
याचिकाकर्ता ने बताया कि हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम प्रकरण में हिसार की अदालत ने अक्तूबर 2018 को उसे हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। याची ने बताया कि नवंबर 2014 में हिसार के सतलोक आश्रम में एक बच्चे और चार महिलाओं के शव मिले थे। इसके बाद याची और उसके 27 अनुयायियों के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद भी एक महिला का शव आश्रम में मिला था, जिसके चलते उन पर एक और एफआईआर दर्ज की गई थी। रामपाल ने बताया कि इन मामलों में उसे दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस सजा के खिलाफ उसकी अपील हाईकोर्ट में लंबित है। जब तक हाईकोर्ट अपील पर अपना फैसला नहीं सुना देता, तब तक सजा को निलंबित रखा जाए। पिछली सुनवाई पर हरियाणा सरकार ने बताया था कि धर्मपाल बनाम हरियाणा सरकार मामले में सजा निलंबन की मांग को लेकर योग्यता मानक तय किए गए थे। रामपाल की कस्टडी सर्टिफिकेट के अनुसार उसे इन मानकों को पूरा करने के लिए अभी तीन माह की सजा और पूरी करनी होगी। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने सुनवाई को 2 नवंबर तक स्थगित कर दिया था। मंगलवार को मामला सुनवाई के लिए पहुंचा तो हाईकोर्ट ने रामपाल को बिना कोई राहत दिए सुनवाई 15 दिसंबर तक स्थगित कर दी।