सीबीआई के वरिष्ठ वकील एचपीएस वर्मा ने बताया कि डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह की सभी सजाएं अलग-अलग चलेंगी। पहले उसे साध्वी यौन शोषण मामले में मिली 20 साल की सजा काटनी होगी। इसके बाद पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या में कोर्ट से मिली उम्रकैद की सजा भुगतनी पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अगर किसी कारणवश राज्य सरकार डेरामुखी की छत्रपति हत्याकांड में मिली उम्रकैद की सजा को माफ करवाती है तो रणजीत सिंह हत्याकांड की सजा शुरू हो जाएगी। एचपीएस वर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि सीबीआई की विशेष अदालत ने डेरामुखी को अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है। हालांकि, उन्होंने इस मामले में फांसी की सजा देने की मांग की थी। ताकि, भविष्य में कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचे।
सजा के खिलाफ जाएंगे हाईकोर्ट: अजय बर्मन
डेरामुखी गुरमीत राम रहीम सिंह के बचाव में सीबीआई की विशेष अदालत में दिल्ली से पेश हुए वरिष्ठ वकील अजय बर्मन ने कहा कि वह सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने डेरामुखी के सामाजिक कार्यों का हवाला देकर सजा सुनाने के दौरान नरमी बरतने की मांग की थी।
सीबीआई के वकीलों द्वारा फांसी की सजा देने की मांग की जा रही थी, जबकि डेरामुखी द्वारा किए सामाजिक कार्यों को भी देखना चाहिए था। एक ऐसे व्यक्ति के बयान पर फैसला सुनाया गया जो कसम खाने के बाद 10 बार अपना बयान बदल चुका है। वह हर बार कहता है कि उसे धमकी दी जा रही है। ऐसे में कैसे विश्वास किया जा सकता है।