पंचकूला। नगर निगम और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की लापरवाही का खामियाजा शहरवासियों को लगातार भुगतना पड़ रहा है। रविवार को भी बारिश होने पर लोगों को जलभराव का सामना करना पड़ा है। कई सेक्टरों में घरों में पानी घुस गया। इससे लोगों का सामान खराब हो गया। इसके अलावा कूड़े का उठान नहीं हो पाने के कारण बारिश में हालात बदतर हो गए हैं। अनेक जगह बरसाती पानी में कचरा शहर में फैल गया है। रोड गलियां जाम होने और सीवरेज-नालों की सफाई नहीं होने से पानी सड़कों पर कई घंटे रुका रहा। इस कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सेक्टर-1 माजरी चौक के पास हालात बदतर थे। यहां सड़क और नाले पर बरसाती पानी की वजह से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पानी में कई वाहन बंद होने से लोगों को कारीगर बुलाने पड़े।
सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-7, सेक्टर-8, सेक्टर-9, सेक्टर-10, सेक्टर-11, सेक्टर-12, सेक्टर-12-ए, सेक्टर-14, सेक्टर-15, सेक्टर-16, सेक्टर-17, सेक्टर-19, सेक्टर-20, सेक्टर-21, गांव अभयपुर, गांव महेशपुर, खड़क मंगोली, औद्योगिक क्षेत्र-1, औद्योगिक क्षेत्र-2, हाउसिंग बोर्ड, गीता चौक, राजीव-इंदिरा कॉलोनी, बुढ़नपुर के लोगों को सबसे ज्यादा जलभराव का सामना करना पड़ा। यहां बारिश थमने के कई घंटे बाद भी सड़कों पर पानी रुका रहा। वहीं, एमडीसी से होकर राजीव-इंदिरा कॉलोनी के पास से गुजरने वाले नाले की सफाई न होने से आसपास के लोगों को दिक्कत हुई। उन्हें अपने मकान गिरने का भय सकता रहा है। वहीं, सेक्टर-9, सेक्टर-10 और अभयपुर के कई घरों में पानी घुस गया, इससे चलते सामान खराब हो गया।
हर बरसात में होता है जलभराव
हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष एवं पंचकूला के विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और नगर निगम के मेयर कुलभूषण गोयल ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि शहरवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह शहर को स्वच्छ, सुंदर और हराभरा बनाने के लिए वचनबद्ध हैं। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता सात साल के कार्यकाल में भी जलभराव जैसी समस्या से लोगों को निजात दिलाने में सफल साबित नहीं हुई है। वहीं, नगर निगम का गठन हुए भी सात माह का कार्यकाल बीत चुका है, लेकिन छोटी-छोटी समस्याओं को शहरवासियों को अभी भी सामना करना पड़ रहा है।
शहर के सेक्टरों में बिखरा है कूड़ा
नगर निगम के अधिकारी भले ही दावा कर रहे हैं शहर से सारा कूड़ा उठाकर गांव झूरीवाला में बनाए डंपिंग ग्राउंड में पहुंचा दिया है। सच्चाई कुछ और ही है। शहर के कई सेक्टरों में अभी भी कूड़े के ढेर लगे हैं, जिन पर लावारिस पशु मुंह मारते देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं कूड़े का उठान न होने से सेक्टर में रहने वाले लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, झूरीवाला डंपिंग ग्राउंड में पहुंचने वाले कूड़े का निस्पादन न होने से भी स्थिति विकराल होती जा रही है। यदि निगम के अधिकारियों ने कूड़े का निस्पादन कार्य जल्द न शुरू करवाया तो हालात विकराल हो सकत हैं।