पिंजौर। डीटीपी विभाग पंचकूला ने बीते एक साल में कई अवैध निर्माण ध्वस्त किए हैं। नगर निगम क्षेत्र और वर्तमान में नगर परिषद कालका के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में डीटीपी विभाग तानाशाही रवैया अपनाते हुए लगातार कार्रवाई कर रहा है। वहीं, एक अवैध कॉलोनी की शिकायत पर कार्रवाई करने से पल्ला झाड़ते हुए उक्त क्षेत्र में नगर परिषद कालका की कार्रवाई बता रहा है। उपरोक्त आरोप ग्रीवेंस कमेटी सदस्य गुरदेव सिंह लोहगढ़ ने डीटीपी पर लगाए हैं।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता विधि चन्द निवासी कालका ने डीटीपी को पत्र लिखकर बिना सीएलयू के अवैध कालोनी काटे जाने की शिकायत दी थी जिस पर डीटीपी विभाग ने शिकायत के जवाब में कार्रवाई करने से मना करते हुए कहा कि उक्त जगह अर्बन एरिया एक्ट 1975 की धारा 7(1) की उल्लंघना नहीं बनती। इसके अलावा शिकायत पत्र में बताई जगह नगर परिषद कालका के अंतर्गत आती है इसलिए अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई नगर परिषद कालका की ओर से की जानी है।
दोहरे मापदंड अपना रहा विभाग
गुरदेव सिंह ने बताया कि लोहगढ़, वासुदेवपुरा आदि क्षेत्र नगर परिषद कालका के अंतर्गत आता है परंतु यहां पर विभाग की ओर से तोड़फोड़ की कार्रवाई करते हुए लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अगर उपरोक्त कॉलोनी में डीटीपी विभाग की ओर से नगर परिषद कालका की कार्रवाई बता कर पल्ला झाड़ लिया है तो नगर परिषद पिंजौर क्षेत्र जोकि नगर परिषद कालका के अंतर्गत आता है। इसमें डीटीपी विभाग ने किस आधार पर कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्रवाई के दौरान दोहरे मापदंड अपनाने से लोगों में रोष है।
कार्रवाई पर अंकुश लगाए प्रशासन
रजनीश, मुकेश आदि ने बताया कि सरकार का काम है लोगों को बसाना न कि उन्हें उजाड़ना। लोगों ने पैसा जोड़कर किसी तरह जमीन खरीदी है, बैंक से लोन लेकर मकान बनाए हैं परंतु विभागीय कार्रवाई का डर उन्हें हमेशा सताता रहता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विभाग की ओर से कुछ अंतराल के बाद लगातार की जा रही कार्रवाई पर अंकुश लगाएं। इस संबंध में लता हुड्डा जिला नगर योजनाकार विभाग पंचकूला से संपर्क करने के लिए फोन किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।