चंडीगढ़। पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि प्रदेश की महिलाओं को अपनी हस्तनिर्मित उत्पादों को लोगों के सामने लाने के लिए सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से पंजाब सखी शक्ति मेले आयोजित किए जा रहे हैं। पहला मेला बुधवार से संगरूर में शुरू हो गया है।
संगरूर के रणबीर कॉलेज ग्राउंड में यह मेला 30 नवंबर तक चलेगा। ये मेले ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सहयोग से लगाए जा रहे हैं। यह मेले फरवरी 2026 तक प्रदेश के सभी 23 जिलों में आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों में हस्तकला, हथकरघा कपड़े, फुलकारी, घर की सजावट की वस्तुएं, जैविक खाद्य पदार्थ, शहद, मसाले, डिटर्जेंट, फिनाइल और अन्य घरेलू उत्पाद बिक्री के लिए प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा खाने-पीने के स्टॉल भी मेले की विशेष आकर्षण रहेंगे।
सौंद ने बताया कि इन मेलों का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों के उत्पादों को बड़े स्तर पर बाजार तक पहुंचाना है ताकि महिलाओं की आय में वृद्धि हो सके। साथ ही ग्रामीण उत्पादकों और शहरी ग्राहकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना भी इन मेलों का लक्ष्य है। पंजाब सरकार की यह पहल न केवल महिलाओं की आय बढ़ाएगी बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी।
8 से 11 दिसंबर तक फरीदकोट में लगेगा मेला :
संगरूर में 30 नवंबर तक मेला लगेगा। फरीदकोट में ऑफिसर्स क्लब सादिक में 8 से 11 दिसंबर तक 4 दिन का मेला आयोजित किया जाएगा। बठिंडा में पुडा ग्राउंड पावर हाउस में 4 से 7 दिसंबर तक जबकि अमृतसर के दशहरा ग्राउंड रणजीत एवेन्यू में 8 से 11 दिसंबर तक मेला लगाया जाएगा। तरनतारन में 11 से 14 दिसंबर तक, गुरदासपुर के पुराने बस स्टैंड में 15 से 18 तक, फाजिल्का के प्रताप बाग में 26 से 30 दिसंबर तक मेला लगेगा। जालंधर में विरसा विहार, देश भगत यादगार में 7 से 10 जनवरी 2026 तक, मोगा में 10 से 13 जनवरी और श्री मुक्तसर साहिब में गुरु गोबिंद सिंह जी ग्राउंड में 14 से 17 जनवरी 2026 तक मेले आयोजित होंगे। इसी तरह अन्य जिलों में भी मेले लगाए जाएंगे।