चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को जापान के साथ उन्नत निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और वैश्विक सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की वकालत की है।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के साथ जापान के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वर्चुअल विचार-विमर्श किया। इसमें जापानी दूतावास, जेट्रो, जेसीसीआईआई और भारत भर में कार्यरत 25 से अधिक प्रमुख जापानी कंपनियां जैसे पैनासोनिक, सुमितोमो, निप्पॉन, एनईसी, टोयोटा आदि शामिल थी। यह विचार-विमर्श 13 से 15 मार्च 2026 को इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी), मोहाली में आयोजित होने वाले 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट से पहले पंजाब की अंतरराष्ट्रीय पहुंच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने हमेशा भारत के विकास में विशेष रूप से देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने जापानी उद्योग के साथ पंजाब के मजबूत और बढ़ते संबंधों पर जोर दिया और जापानी कंपनियों को पंजाब के औद्योगिक परिवर्तन के अगले चरण का हिस्सा बनने के लिए निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मकसद हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ निवेशकों के लिए स्थिर और विश्वसनीय वातावरण सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जापान की कई प्रसिद्ध कंपनियों ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि पंजाब के ऑटोमोटिव और विनिर्माण क्षेत्र में माजदा, सुमितोमो, एसएमएल इसुजु, यानमार, आइची स्टील और गुनमा सीको ने अपने पैर पसार लिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों में टोपन और ओजी होल्डिंग्स ने मजबूत पकड़ बनाई है जबकि रसायन और पेंट में कंसाई नेरोलैक और निसान केमिकल ने सफलतापूर्वक कदम बढ़ाए हैं। कृषि और मशीनरी में यानमार एग्रीकल्चर मशीनरी और क्लास इंडिया ने पंजाब में अपना भरोसा दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार पंजाब की औद्योगिक क्षमताओं पर प्रकाश डाल रही है, सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज कर रही है।
उन्होंने निवेशकों को 6वें प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का न्योता दिया। इस दौरान जापानी और इंडो-जापानी उद्योगपतियों जिनमें यानमार होल्डिंग्स और टीटीसी ग्रुप के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल थे ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा किए।