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चंडीगढ़ : पंजाब के निजी बस ऑपरेटरों ने हाईकोर्ट से याचिका ली वापस, संबंधित अथॉरिटी के सामने करेंगे दाखिल

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चंडीगढ़। पंजाब के निजी बस ऑपरेटर्स को स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर द्वारा 20 मई को जारी कारण बताओ नोटिस मामले में निजी बस ट्रांसपोर्टर्स ने हाईकोर्ट में जो याचिकाएं की थी वे सभी याचिकाएं सोमवार को वापस ले लीं। याचिकाएं वापस लेने के चलते हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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इससे पहले सरकार ने ही हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया था कि वह इन कारण बताओ नोटिस पर अगले आदेशों तक कोई कार्रवाई नहीं करेगी। 22 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई पर ट्रांसपोर्टर्स ने मामले में गौर किए जाने के लिए कुछ समय की मांग की थी कि उन्हें यह तय करने का समय दिया जाए कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार इस इस्तेमाल करने या इस मामले को लेकर तय कानून के तहत संबंधित अथॉरिटी या अपीलेट फोरम के समक्ष जाएं। सोमवार को याचिकाकर्ताओं ने इस मामले को लेकर संबंधित अथॉरिटी को फोरम के समक्ष ही अपील करने की छूट का आग्रह करते हुए याचिकाएं वापस लिए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लिए जाने की छूट देते हुए इस याचिका को खारिज कर दिया है।
इस मामले में पंजाब सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट पी. चिदंबरम पेश हुए थे। साथ में पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा भी पेश हुए।
पिछले कई दिनों लगातार इस मामले की सुनवाई के बाद पिछली सुनवाई पर इन निजी ट्रांसपोर्टर्स ने ही आग्रह किया था कि उन्हें कुछ समय दिया जाए ताकि वह तय कर सकें कि वह मामले को लेकर हाईकोर्ट के क्षेत्राधिकार का इस्तेमाल करें या संबंधित अथॉरिटी के समक्ष जाएं। अब निजी ऑपरेटर्स ने सोमवार को ये सभी याचिकाएं वापस ले ली हैं। याचिकाएं वापस लिए जाने के चलते हाईकोर्ट ने अथॉरिटी को नए सिरे से इस पर गौर कर कार्रवाई के आदेश दे दिए हैं। इस मामले में रूट परमिट में कटौती को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
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