चंडीगढ़। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने देश में शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान मिलने के बाद अब इस स्थान को बरकरार रखने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। जिसमें शामिल हो रहे 228 ब्लाकों के शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में मिले अव्वल स्थान को बनाए रखने के गुण सिखाए जाएंगे।
सोमवार को राज्यभर के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ करते हुए स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने अध्यापकों द्वारा कोविड के समय दौरान निभाई गई भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 228 ब्लॉकों के समूह जिला शिक्षा अधिकारियों (एलिमेंट्री शिक्षा), उप जिला शिक्षा अधिकारियों (एलिमेंट्री शिक्षा), ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों, पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब के जिला समन्वयक, ब्लॉक मास्टर ट्रेनर, कलस्टर मास्टर ट्रेनर और लगभग 10000 प्राइमरी अध्यापक हिस्सा ले रहे हैं।
कृष्ण कुमार ने अध्यापकों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण वर्कशॉप का मकसद पंजाब द्वारा प्राप्त पहले स्थान को बरकरार रखने के लिए किए जाने वाले कार्यों की जानकारी और राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण-2021 संबंधी पूर्ण योजनाबंदी करना है।
एनएएस की महत्ता से होंगे रूबरू
डायरेक्टर राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद पंजाब जगतार सिंह कुलड़िया ने कहा कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्कशॉप में हर बैच के पहले दिन प्रत्येक अध्यापक को बुनियादी कौशलों, राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) की महत्ता, मूल्यांकन, प्रक्रिया, पिछले सालों के प्रदर्शन का विश्लेषण और अलग-अलग विषयों के सीखने के परिणामों बारे जानकारी दी जानी है। हर बैच के दूसरे दिन अध्यापकों को शिक्षण सहायक सामग्री तैयार करने के लिए भी विशेष प्रशिक्षण दिया जाना है।
कार्यशाला में लगेंगे छह बैच
पढ़ो पंजाब पढ़ाओ पंजाब के राज्य समन्वयक डॉ. दविंदर सिंह बोहा ने बताया कि ब्लॉक स्तर की दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्कशॉप के छह बैच लगेंगे। पहला बैच 26-27 जुलाई, दूसरा बैच 28-29 जुलाई, तीसरा बैच 30-31 जुलाई, चौथा बैच 2-3 अगस्त, पांचवां बैच 4-5 अगस्त और छठा बैच 6-7 अगस्त को होगा।