पंचकूला। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मोरनी की नौतोड़ भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगा दी है। जनहित में अदालत द्वारा लिया गया निर्णय पर्यावरण, वन, वन्य प्राणियों एवं हरियाणा के एकमात्र पहाड़ी मोरनी को सुरक्षित रखने में कारगर साबित होगा। वहीं, दूसरी ओर किसानों के नौतोड़ जमीन की समस्या का समाधान नहीं होने तक मोरनी में अवैध निर्माण और कब्जे नहीं होंगे। इसका मोरनी के किसानों ने स्वागत किया है। दरअसल हरियाणा किसान कांग्रेस के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष व शिवालिक विकास मंच के अध्यक्ष विजय बंसल ने 2017 में किसानों को उनका हक दिलाने के लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लंबे समय से इस भूमि का मालिकाना हक देने के लिए करीब 40 हजार स्थानीय किसान मांग कर रहे हैं।
ये कहना है याचिकाकर्ता का
एडवोकेट विजय बंसल ने कहा कि माननीय हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत है। यह निर्णय मोरनी को सुरक्षित रखने में कारगर साबित होगा। प्रशासन एवं सरकार पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन करें एवं दोषियों के खिलाफ कार्यवाही अमल में लाए। इसके साथ ही मोरनी के किसानों को उनका हक देते हुए नौतौड़ का मालिकाना हक दें। पिछले कई वर्षो से मोरनी के किसानों के हक सुरक्षित रखने के लिए लड़ाई लड़ रहा हूं और आगे भी जारी रहेगी।
कंस्ट्रक्शन पर लगनी चाहिए रोक
बंदोबस्त होने पर ही सरकारी और मलकियत जमीनों का पता चल सकता है। जो बाहरी व्यक्तियों की ओर से मोरनी नौतोड़ भूमि पर कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है। उसपर रोक लगनी चाहिए। इसका फायदा किसानों को मिलना चाहिए। -ओम दत्त किसान
नौतोड़ भूमि पर लोकल किसानों का बनता है हक
मोरनी नौतोड़ भूमि पर लोकल किसानों का हक बनता है। दशकों से पीढ़ी दर पीढ़ी खेती का काम भी कर रहे हैं। सरकार किसानों की इन जायज मांगों को माने और मोरनी नौतोड़ भूमि मामले का जल्द निपटारा करवाए। -निर्मल सिंह किसान
पहले निशानदेही का कार्य हो पूरा
जो लोग जबरदस्ती मोरनी नौतोड़ भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। उन्हें रोका जाने का कदम सही है। पहले जमीनों की निशानदेही का कार्य पूरा हो उसके बाद कंस्ट्रक्शन का कार्य होने दिया जाएं। वीरेंद्र सिंह, किसान
ग्रामीण हर स्तर तक लड़ाई लड़ने को तैयार
मोरनी नौतोड़ भूमि को लेकर ग्रामीण हर स्तर तक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। सरकार किसानों से जुड़ी इस समस्या को गंभीरता से ले और अधिकारियों को जल्द से जल्द समाधान करने का आदेश करे। -चतर सिंह, स्थानीय किसान