पंजाब में सभी सरकारी कार्यालयों में बिजली के प्री-पेड मीटर लगाए जाएंगे। पंजाब स्टेट पावर काॅरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इस फैसले के तहत आगामी 1 मार्च से सभी सरकारी कार्यालयों को बिजली लेने के लिए पहले से भुगतान करना होगा और भुगतान की गई राशि समाप्त होते ही कार्यालय की बिजली बंद हो जाएगी। सभी सरकारी कार्यालयों को उक्त मीटर लगवाने के लिए 15 दिन का नोटिस भेजा जा रहा है।
गौरतलब है कि राज्य में विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिल के हजारों रुपये बकाया हैं। प्री-पेड मीटर के लिए भेजे जा रहे नोटिस के साथ जहां संबंधित कार्यालय की पिछले 12 महीनों की ऊर्जा खपत का विवरण भेजा जा रहा है, वहीं पिछले बिलों की बकाया राशि, डिफाॅल्ट राशि एक महीने में जमा कराने को कहा गया है।
पीएसपीसीएल द्वारा संशोधित की गई नीति के अनुसार, राज्य में 15 फरवरी के बाद अब नए सरकारी बिजली कनेक्शन भी स्मार्ट प्री-पेड मीटर के साथ ही दिए जाएंगे। इन प्री-पेड मीटरों पर उनकी लोड क्षमता के अनुरूप टैरिफ लागू होंगे। हालांकि ऐसे मीटरों पर एनर्जी चार्ज में एक फीसदी की छूट दी जाएगी। पीएसपीसीएल की तरफ से कहा गया है कि चूंकि विभागों को कनेक्शन के लिए अग्रिम भुगतान करना होगा इसलिए वे अपने स्तर पर इसके लिए उचित लेखा-खाता प्रणाली बना सकते हैं। इसके साथ ही सरकारी विभागों को अपने प्रत्येक बिजली कनेक्शन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा, जिसका मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी, पीएसपीसीएल के डेटाबेस में पंजीकृत होगा। उपभोक्ताओं को मासिक आधार पर इलेक्ट्रानिक बिल भी जारी होगा।
पीएसएपीएल अपने खर्च पर लगाएगा मीटर
पीएसपीसीएल द्वारा प्री-पेड मीटर अपने खर्च पर खरीदे और लगाए जाएंगे। इस मीटरिंग सिस्टम के लिए सरकारी कार्यालयों को मीटर की लागत का भुगतान नहीं करना होगा। प्री-पेड मोड के तहत जारी किए जाने वाले नए कनेक्शन के लिए कोई सुरक्षा (खपत) चार्ज नहीं लिया जाएगा। केवल मीटर की सिक्योरिटी और मीटर का किराया लिया जाएगा, जो समय-समय पर लागू होने वाली सामान्य शुल्कों की अनुसूची के अनुसार रहेगा। मौजूदा सरकारी कार्यालयों के मीटरों पर कोई अतिरिक्त मीटर सिक्योरिटी और मीटर किराया नहीं लगाया जाएगा, बल्कि मौजूदा उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी (खपत) राशि समेत बकाया राशि और शेष राशि (यदि कोई हो) को एडजस्ट करते हुए पुराने मीटरों की सिक्योरिटी राशि भी लौटा दी जाएगी।