चंडीगढ़। यूक्रेन में जारी युद्ध में फंसे पंजाबियों के चिंतित परिवारों की मदद के लिए पंजाब सरकार द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर बीते 48 घंटे के दौरान करीब 325 कॉल प्राप्त हुई हैं। यह जानकारी कंट्रोल रूम का कार्यभार संभाल रहे एआईजी अरजिंदर सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि यूक्रेन में युद्ध के कारण हालात लगातार खराब बने हुए हैं और भारत के अनेक लोग वहां खारकीव नामक स्थान पर फंसे हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे हैं। खाने-पीने के सामान की किल्लत के कारण वहां फंसे भारतीयों की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। पंजाब सरकार द्वारा युद्ध में फंसे पंजाबियों के परिजनों की चिंता को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम की स्थापना करके हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं ताकि परिवारों को सही जानकारी देकर उनकी चिंता दूर की जा सके।
उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम में शुक्रवार शाम 6 बजे से रविवार तक 325 कॉल रिसीव की गई हैं। शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक 155 कॉल रिसीव हुई थीं। इन सभी कॉल को विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम से सीधे जोड़ा जा रहा है ताकि संबंधित परिजन युद्ध में फंसे अपने प्रियजनों के बारे में जानकारी दर्ज करें और विदेश मंत्रालय यूक्रेन से मिल रही जानकारी उनसे साझा करे। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय की ओर से कुछ नोडल अफसरों को भी तैनात किया गया है जो चिंतित परिवारों को उनके प्रियजनों की वापसी के बारे में कुछ अन्य जानकारी भी मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने पंजाब में चिंतित परिवारों से अपील की कि वह पंजाब सरकार द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम में अपने प्रियजनों के बारे में विस्तृत जानकारी दर्ज कराएं, जिसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 और 1800118797 जारी किए गए हैं।
इस बीच, राज्य सरकार ने यूक्रेन में फंसे पंजाबियों का पूरा डाटाबेस तैयार करने का काम भी शुरू कर दिया है। इसके लिए सभी जिला उपायुक्तों से कहा गया है कि हेल्पलाइन व अन्य स्त्रोतों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर यूक्रेन में फंसे पंजाबियों के पासपोर्ट नंबरों और अन्य जानकारी को भी दर्ज किया जाए ताकि उन्हें विदेश मंत्रालय से साझा करके ऐसे पंजाबियों को जल्द से जल्द भारत लाने की कोशिश की जा सके। इस कदम से पंजाब सरकार को उन पंजाबियों की सही संख्या की भी जानकारी हो सकेगी, जो इस समय यूक्रेन के विभिन्न स्थानों पर बचाव के लिए शरण लिए हुए हैं।