दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा को समर्थन देने के लिए अकालियों के यू-टर्न पर बरसते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अपने राजनैतिक हितों की ख़ातिर अकाली दल ने संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन किया है।
शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल द्वारा हाल ही में दिया बयान कि दिल्ली चुनाव में पार्टी भाजपा के हक में प्रचार करेगी, मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों के बार-बार स्टैंड बदलने से असांविधानिक और विघटनकारी नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) पर इनके झूठ का पर्दाफाश हुआ है।
सुखबीर द्वारा यू -टर्न लेते समय यह सफ़ाई देना कि दोनों पार्टियों के बीच गलतफहमियों को दूर कर लिया गया है, का हवाला देते हुए कैप्टन ने सवाल किया कि क्या भाजपा, अकाली दल के पहले स्टैंड के अनुरूप सीएए में संशोधन करने के लिए सहमत हो गई है या अकालियों ने राष्ट्रीय हितों को दांव पर लगाकर एक बार फिर से भाजपा के आगे घुटने टेक दिए हैं। उन्होंने सुखबीर से कहा, ‘‘आप लोगों के प्रति जवाबदेह हो।’’
कैप्टन ने कहा कि बादलों को अब शिरोमणि अकाली दल के एक सैद्धांतिक पार्टी होने का दिखावा छोड़ने की भी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बड़े दुख की बात है कि जिस पार्टी का गठन विभिन्न सिद्धांतों को कायम रखने के लिए किया गया हो, उसे न तो राजनैतिक नैतिकता की परवाह है और न ही पहले सिख गुरू श्री गुरु नानक देव जी के महान फलसफे की, जो सब धर्मों से ऊपर उठकर मानवीय एकता का संदेश देता है, पर चलने की चिंता प्रतीत होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल ने सीएए में मुसलमानों को शामिल न करने के कारण भाजपा को समर्थन न देने का दावा किया था लेकिन सत्ताधारी एनडीए को छोडऩे की बजाय सुखबीर बादल ने भाजपा का पल्ला पकड़े रखने का रास्ता चुना। कैप्टन ने कहा कि दिल्ली में अकाली दल के यू-टर्न ने अकालियों में और दरार पैदा की है जो विभाजन की कगार पर पहुंची प्रतीत होती है।
उन्होंने कहा कि अकाली दल पूरी तरह गुटबाज़ी का शिकार है और इसके पास अपने स्तर पर राजनैतिक लड़ाई लडऩे की भी क्षमता नहीं है जिसका दिखावा हरियाणा में हो चुका है।