खरड़। शहर में लंबे समय से टूटी सड़कों और बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर जनहित विकास कमेटी ने लांडरां रोड पर धरना देकर रोष जताया। इस धरने में खरड़ की कई नामी कॉलोनियों के बड़ी संख्या में निवासियों ने भाग लिया और पंजाब सरकार व नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि नगर परिषद खरड़ के अधिकारियों की लापरवाही के कारण शहर की सड़कों की हालत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है।
जनहित विकास कमेटी के प्रधान रनजीत सिंह हंस समेत अन्य सदस्यों ने कहा कि लांडरां रोड, कुराली रोड और खरड़-मोहाली रोड के साथ सटी कॉलोनियों में सड़कें काफी समय से टूट चुकी हैं, साथ ही मूलभूत सुविधाओं के न मिलने से लोग परेशान है। बार-बार शिकायतें देने के बावजूद नगर परिषद द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि खराब सड़कों के कारण न सिर्फ आम नागरिकों को परेशानी हो रही है, बल्कि व्यापार और शहर की छवि को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हंस ने बताया कि कुछ दिन पहले खरड़ की एसडीएम केा मांग पत्र भी दिया गया था कि श्री फतेहगढ़ साहिब को जोड़ने वाली सड़कों का सुधार किया जाए ताकि जोड़ मेले में जाने वाले लोगों को परेशान न आए। धरने में औजला कॉलोनी, गुरु नानक कॉलोनी, साईं एनक्लेव, न्यू सन्नी एनक्लेव समेत कई कॉलोनियों के निवासी शामिल हुए।
बुनियादी सुविधाओं से जुझ रहा पॉश एरिया
धरने के दौरान शहर के पॉश क्षेत्र सेक्टर 123, 124 और 125 की उपेक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने बताया कि निजी विकास कर्ताओं द्वारा बसाए गए इन सेक्टरों में करीब 60 से 70 हजार की आबादी रहती है, लेकिन नगर परिषद ने इस आबादी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। यह क्षेत्र न तो खरड़ नगर परिषद के मास्टर प्लान का हिस्सा है और न ही मोहाली नगर निगम की किसी योजना में शामिल है। इतना ही नहीं काजोली नहर जल परियोजना से भी बाहर रखा गया है, जिससे लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है।