चडीगढ़। शहर में पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के अंतर्गत चलने वाली साइकिलों की दुर्गति के बाद अब लोग जागरूक हो रहे हैं। साइकिलों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की कंपनी को जानकारी तो मिल रही है, लेकिन ऐसा करने वालों को कहीं कोई टोकता नहीं है। जब तक टीम पहुंचती है, तब तक संबंधित व्यक्ति साइकिल को नुकसान पहुंचाकर मौके से निकल चुका होता है।
बीते 26 अगस्त को अमर उजाला ने ‘13 दिन में स्मार्ट साइकिलों की दुर्गति कर डाली, कोई टायर चुरा ले गया, किसी ने बैटरी उड़ा ली’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। उसके बाद शहर के लोग जागरूक हुए। लोग अब कहीं भी किसी को साइकिलों को नुकसान पहुंचाते देखते हैं, तो कंपनी के नंबर पर कॉल कर जानकारी देते हैं। कुछ लोग खराब साइकिलों की जानकारी ट्विटर के माध्यम से देते हैं। शहरवासियों के इस रुझान से स्मार्ट सिटी के अधिकारियों व कंपनी को थोड़ा हौसला मिला है, लेकिन उनकी अपील है कि ऐसा करते देखने पर लोग टोकने का अभियान शुरू करें, ताकि लोगों की सुविधा के लिए आई साइकिलों का बेहतर उपयोग हो सके।
कंपनी की टीम लगातार कर रही निगरानी
लगातार साइकिलों के सामान चोरी और खराब होने के मामले के बाद कंपनी ने दो टीमें गठित की हैं। ये टीमें दो जोन में डॉकिंग स्टेशनों को बांटकर 24 घंटे निगरानी कर रही हैं। तय समय सीमा में टीम के सदस्य डॉकिंग स्टेशन पर जाकर साइकिलों को देख रहे हैं। जो साइकिलें चल रही हैं, उन्हें भी जीपीएस से लगातार चेक किया जा रहा है।