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परेशानी : मल्लाह चौक से केदारपुर बरूण रोड जिस गति से बनी, उसी रफ्तार से लगी टूटने

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पिंजौर। मल्लाह चौक से गांव केदारपुर बरून तक की सड़क के सुधारीकरण और चौड़ीकरण कार्य का शिलान्यास एक साल पहले हुआ था। सड़क का निर्माण जिस तेजी से किया गया, उसी गति से यह टूटनी भी शुरू हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के निर्माण में क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा गया, इस कारण बनने के साथ ही यह टूटने लगी। लोगों के अनुसार नहीं कहा जा सकता कि सड़क का सुधारीकरण किया गया होगा। शिकायत करने के बाद भी अधिकारियों की अनदेखी के कारण रोड की हालत खस्ता है।
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मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाई सड़क
करीब 13.40 मीटर की यह सड़क बनने के बाद मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाई। बारिश के कारण निर्मित रोड पर बिछाई बजरी, तारकोल की ऊपरी परत पूरी तरह जगह-जगह से खत्म हो गई। रोड पर बिछाया गया गटका, मिट्टी तक बाहर निकल आई। रायतन क्षेत्र के करीब 40 हजार लोगों को उम्मीद थी कि इस रोड के सुधारीकरण के बाद समस्या से निजात मिल जाएगी परंतु आज भी रोड जगह-जगह से जर्जर है। रायतन क्षेत्र की जनता को अभी तक इस रोड का पूरा फायदा नहीं पहुंचा है।
करोड़ों लगाने के बाद भी इस रोड की हालात जर्जर है। इस संबंध में अधिकारियों से भी मांग की है कि इसकी गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई है। अधिकारियों ने इस रोड का ऐसा सुधारीकरण किया है कि करोड़ों खर्च करने पर भी रोड की हालत पहले से भी ज्यादा बदतर हो चुकी है। अगर आवाज नहीं उठाई तो अगले कई सालों तक परेशानी का सामना करते रहेंगे। इस रोड को दोबारा सही तरीके से बनाया जाए, नहीं तो सभी अपने हकों के लिए प्रदर्शन करने के साथ-साथ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। -प्यारेलाल शर्मा पूर्व सरपंच।
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ठेकेदार रोड बनाता गया और रोड पीछे से टूटती चली गई। इस रोड के लिए लोग भी एकत्रित हुए और मौके पर जेई, एक्सईएन भी पहुंचे परंतु समस्या का हल नहीं हुआ। अफसरशाही हावी है। जनता की कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। रोड आज भी जगह-जगह से टूटी हुई है। - सुच्चा राम पूर्व सरपंच
सरकारें पहले भी बहुत आईं पर ऐसी सरकार पहली बार देखी है जिसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। पिंजौर से गांव बरून तक के इस रोड को बनना नहीं कहेंगे क्योंकि एक साल पहले भी रोड की हालत ऐसी ही थी। करोड़ों खर्च करने के बाद अब भी हालात वैसे ही है। इस सड़क के अलावा कोई भी ऐसी सड़क बनते नहीं देेखी जिसके बनने के साथ-साथ ही पैच वर्क का काम भी शुरू करना पड़ जाए। यह पहली सड़क है, जो बनते ही टूट गई और रोड पर पैच लगाना पड़ रहा है। - हरदेव पूर्व सरपंच
सड़क का निर्माण जनता के पैसे से होता है। निर्मित सड़क की गुणवत्ता बनाए रखना सरकार, प्रशासन और अधिकारियों की जिम्मेवारी है। लोगों को परेेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रोड को सही तरीके से बनाया जाए। इसके अलावा बनने के बाद इतनी जल्दी रोड के खराब होने की जांच होनी चाहिए। - प्रदीप चौधरी, विधायक हलका कालका
आज से इस रोड का काम शुरू हो रहा है। इसमें नंदपुर गांव के समीप करीब ढाई किलोमीटर का टुकड़ा है जिसे रिपेयर किया जाएगा। फॉरेस्ट की रोड और जहां भी रोड पेंडिंग है उसे पूरा किया जाएगा। अभी रोड पर एक और लेयर चढ़ाई जाएगी। - राशिद खान, जेई, पीडब्ल्यूडी कालका
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