पंचकूला। शहर के प्राचीन शिव मंदिर सकेतड़ी महादेवपुर में इस बार महाशिवरात्रि पर स्टीम किचन में प्रसाद तैयार किया जाएगा। यहां एक लाख लोगों का प्रसाद बनाया जाएगा। मंदिर परिसर में इस किचन को 20 लाख रुपये की लागत से बनाया गया है। पर्यावरण को बचाने के लिए यह पहल शुरू की गई है। मंदिर में इस बार प्रसाद के लिए लगने वाली 25 क्विंटल की लकड़ी का खर्च बच जाएगा। एक लाख लोगों का लंगर तैयार करने के लिए केवल एक क्विंटल लकड़ी ही खर्च होगी। इससे पर्यावरण में प्रदूषण भी कम होगा। इसके लिए मंदिर कमेटी की तरफ से तैयारी की गई है। इस मशीन का ट्रायल सोमवार से शुरू किया गया है।
प्राचीन शिव मंदिर सकेतड़ी महादेवपुर में 250 क्विंटल दूध और केले का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को ट्रायल बेस पर इस किचन को शुरू किया गया। प्राचीन शिव मंदिर सकेतड़ी महादेवपुर के प्रेसिडेंट केडी शर्मा ने बताया कि पहले रोजाना प्रसाद को तैयार करने के लिए लकड़ी का खर्च अधिक होता था। मंदिर कमेटी की ओर से लकड़ी का खर्च कम कर पर्यावरण को बचाने का फैसला लिया गया। स्टीम किचन के माध्यम से चावल, कढ़ी और दूध का प्रसाद तैयार किया जाएगा। इसके अलावा रोटी बनाने के लिए रोटी मेकर को बिजली के माध्यम से चलाया जाता है।
इससे आसानी से लंगर बन जाता है। उन्होंने बताया कि सावन के पांचों सोमवार, शिवरात्रि, नाग पंचमी सहित बड़े आयोजनों पर प्रसाद बनाने में आसानी होगी। प्राचीन शिव मंदिर सकेतड़ी महादेवपुर में महासचिव विनोद शर्मा ने बताया कि मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग का दर्शन करने के लिए लाखों की संख्या में भक्त आते हैं। यहां पर सावन के पांचों सोमवार सहित अन्य दिन भी भक्तों का जमावड़ा लगता है। मंदिर में लाखों भक्तों का प्रसाद बनाने के लिए इस मशीन को लिया गया है।