मोरनी। टिक्करताल की 100 बीघा जमीन पर बनने वाला चिड़ियाघर अब लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। यहां पर सैलानी सुहावने मौसम, हसीन वादियों के दीदार के साथ चिड़ियाघर में घूमने का मजा ले सकेंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसी के चलते वन विभाग और वन्य प्राणी विभाग के फील्ड कर्मचारियों ने सरकारी जमीन की पैमाईश की है।
दरअसल, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के मोरनी दौरे के दौरान टिक्करताल के सरपंच की मांगों पर अमल होना शुरू हो गया है। 20 जून को टिक्करताल में दी गई जू बनाने की मांग पर संबंधित अधिकारियों ने फील्ड रिपोर्ट बनाना शुरू कर दिया है। दोनों विभागों की ओर से मांग पर अमल करने पर इलाके के लोग खुश हैं। लोगों को कहना है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं और लोगों के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। हालांकि फील्ड रिपोर्ट पर क्या फैसला होगा यह सरकार व उच्च अधिकारी ही तय करेंगे।
पर्यटकों की संख्या बढे़गी, युवाओं को मिलेगा रोजगार
पर्यटकों को रिझाने के लिए पुरानी व्यवस्थाओं को बदलना होगा। टिक्करताल में सालों से परिवार सहित पहुुंचने वाले सैलानी खस्ताहाल एडवेंचर पार्क की बदहाली के कारण मायूस लौटते थे। इससे इलाके को पर्यटन क्षेत्र में नुकसान पहुुंच रहा था। इलाके में पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण जू के बनने से पर्यटकों की संख्या इलाके में बढे़गी। इलाके के होटल व पर्यटन से जुडे़ लोगों को काफी लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। जू के लिए बेहद मुख्य लोकेशन में 100 बीघा जमीन पर इसका निर्माण होने की संभावना जताई जा रही है।
कई मुख्य योजनाओं पर चल रहा काम
टिक्कर के सरपंच धर्मपाल शर्मा ने बताया कि उनके द्वारा मुख्यमंत्री को दी गई कई मुख्य योजनाओं पर काम चल रहा है। इनके पूरा होने पर पर्यटन को चार चांद लगेंगे साथ ही इलाके के लोगों की दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान होगा। उन्होंने बताया कि वह सभी विभागों के अधिकारियों के संपर्क में हैं। अधिकतर योजनाओं को पूरा करवाया जाएगा।