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Panchkula News: ईएसआई अस्पताल में चार दिन से बिजली गुल, पेड़ों के नीचे चली ओपीडी

Fri, 04 Sep 2026 09:30 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
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इमरजेंसी वार्ड भी खाली, बिजली ठीक करने में जुटे पावरकॉम कर्मचारी
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गंभीर मरीजों को जीएनडीएच व सिविल अस्पताल भेजा जा रहा
मरीज आए, घंटों इंतजार किया और बिना जांच के लौटे
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। मजीठा रोड स्थित ईएसआई अस्पताल में चार दिन से बिजली गुल होने के कारण अस्पताल की व्यवस्था पटरी से उतर गई है। बिजली आपूर्ति ठप होने से मरीजों के साथ अस्पताल स्टाफ को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। शुक्रवार को जन्माष्टमी की छुट्टी होने के कारण अस्पताल के अधिकांश हिस्सों में ताले लगे रहे और इमरजेंसी वार्ड भी खाली नजर आया। वहीं, इससे पहले लगातार तीन दिन तक अस्पताल में डॉक्टरों ने पेड़ों के नीचे बेंच लगाकर मरीजों की जांच की।
अस्पताल में बिजली व्यवस्था बहाल करने के लिए पावरकॉम के कर्मचारी लगातार फॉल्ट ठीक करने में जुटे हुए हैं। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट अश्विनी कुमार ने बताया कि सोमवार को स्टोर रूम के पास बने बिजली के कमरे में आग लग गई थी। इसके बाद से अस्पताल की बिजली आपूर्ति प्रभावित है। फिलहाल पावरकॉम के अधिकारी और कर्मचारी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में लगे हुए हैं और जल्द ही बिजली बहाल होने की उम्मीद है।
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उन्होंने बताया कि बिजली बंद होने के बावजूद रूटीन में अस्पताल आने वाले मरीजों की जांच सीनियर और जूनियर डॉक्टरों द्वारा की जा रही है और उन्हें आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। यदि कोई गंभीर मरीज अस्पताल पहुंचता है तो उसे गुरु नानक देव अस्पताल या सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। बिजली बहाल करने का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही अस्पताल में सामान्य व्यवस्था बहाल होने की संभावना है।

मरीज आए और घंटों इंतजार कर लौटे :
भले ही चार दिन से बिजली गुल होने के चलते ईएसआई अस्पताल में हालात बदतर बने हुए हैं लेकिन शुक्रवार को जन्माष्टमी की छुट्टी होने के कारण मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। अस्पताल पहुंचे कई मरीज घंटों इंतजार करने के बाद वापस लौट गए।अस्पताल पहुंचे सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्हें कई दिन से बुखार हो रहा है। गत दिवस भी वह चेक करवाकर गए थे। इसी के तहत शुक्रवार को फिर से चेकअप करवाने के लिए आए थे। करीब दो घंटे तक अस्पताल में बैठे रहे। जब अंदर गए तो देखा कि ताले लगे हुए थे और कोई भी डॉक्टर नहीं आया। इसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा।
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रजनी देवी ने बताया कि जब वह अस्पताल पहुंची तो पूरा परिसर सुनसान पड़ा हुआ था। वह काफी देर तक डॉक्टर के आने का इंतजार करती रहीं लेकिन जब कोई नहीं आया तो मजबूरन उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। बाद में उन्होंने बाहर से प्राइवेट डॉक्टर से चेकअप करवाया और दवा ली।
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