पंचकूला। कालका विधानसभा से कांग्रेस के विधायक प्रदीप चौधरी की सदस्यता बहाल होने से कांग्रेस में खुशी की लहर है। इसी के साथ उपचुनाव की अटकलों पर भी विराम लग गया है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश और विधानसभा अध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस के बाद कई नेताओं के हाथ निराश भी लगी है। क्योंकि वे विधायक बनने का सपना देख रहे थे। कई पार्टी के नेता तो अंदर ही अंदर प्रचार-प्रसार में भी जुट गए थे। वे वोट बैंक मजबूत करने के लिए जनता को भी लुभाने लगे थे। अब उन्हें भाग्य आजमाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
विधानसभा चुनाव में प्रदीप चौधरी ने भाजपा नेता लतिका शर्मा को शिकस्त दी थी। उनकी इस जीत से कांग्रेस को काफी बल मिला था, जबकि पंचकूला विधानसभा से हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कांग्रेस के दमदार प्रत्याशी चौधरी चंद्रमोहन को हराकर विधायक बने थे। चुनाव के दौरान भाजपा और कांग्रेस में सीधा मुकाबला हुआ था। दोनों पार्टियों को एक-एक सीट के साथ ही संतोष करना पड़ा था।
लेकिन, प्रदीप चौधरी की सदस्यता पर रोक लगने के बाद ऐसा प्रतीत होता था, कि कालका विधानसभा में उपचुनाव होना तय है। यही कारण है कि स्थानीय नेताओं ने अंदर खाते जमीन तलाशनी शुरू कर दी थी। वहीं, जनता भी कयास लगा रही थी कि कांग्रेस और भाजपा से उपचुनाव में कौन प्रत्याशी हो सकता है। लेकिन अब उपचुनाव की अटकलों पर पूरी तरह से विराम लग गया है। कालका के विधायक प्रदीप चौधरी ही हैं ये तय हो गया है।
विधायक प्रदीप चौधरी ने हाईकोर्ट और स्पीकर का जताया आभार
पंचकूला। कालका के विधायक प्रदीप चौधरी ने सदस्यता बहाल होने पर हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट और हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि उनकी सदस्यता बहाल होने से परिवार से भी ज्यादा खुशी कालका विधानसभा के मतदाताओं में है। उन्होंने जो प्यार दिया है, इसलिए वह आभारी रहेंगे।
प्रदीप चौधरी ने कहा कि जनता में एक बार को लेकर थोड़ा रोष जरूर है कि उनकी सदस्यता समाप्त करने को लेकर जल्दबाजी जरूर की गई, जबकि बहाली में देरी हुई। निजी तौर पर उन्हें किसी से कोई गिला शिकवा नहीं है। विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि उनकी सदस्यता भले ही समाप्त हो गई थी, लेकिन वह जनता की सेवा में हमेशा तत्पर रहे। लेकिन, अब सदस्यता बहाल हो गई है, तो उन्हें और बल मिला है।